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सबसे महंगा होता है AC का यह पार्ट, खराब हुआ तो सबसे ज्यादा पैसा यही खाएगा, बदलने की भी आ सकती है नौबत

AC Repair Cost: गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग दनादन एसी खरीदने लगते हैं। सभी लोग स्टार रेटिंग, बिल्ड क्वालिटी और टन देखते हैं लेकिन असली कहानी कहीं और है। यदि यह पार्ट खराब हुआ तो मोटे खर्च होते हैं।

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AC का सबसे महंगा पार्ट कौन सा होता है? खरीदने से पहले समझ लें खर्च का पूरा गणित

गर्मियों में एयर कंडीशनर खरीदते समय लोग अक्सर कीमत, स्टार रेटिंग और बिजली की खपत पर ध्यान देते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह समझते हैं कि एसी का कौन सा पार्ट सबसे महंगा होता है और खराब होने पर जेब पर कितना असर पड़ सकता है। एसी खरीदने से पहले इसके मुख्य पार्ट्स और उनकी लागत को समझना जरूरी है।

AC का सबसे महंगा पार्ट होता है कंप्रेसर

एयर कंडीशनर का सबसे महंगा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका कंप्रेसर होता है। इसे एसी का दिल भी कहा जाता है, क्योंकि यही रेफ्रिजरेंट गैस को कंप्रेस करके कूलिंग प्रक्रिया शुरू करता है। अगर कंप्रेसर खराब हो जाए तो इसे बदलने का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है। एसी के मॉडल, क्षमता और ब्रांड के हिसाब से कंप्रेसर की कीमत हजारों रुपये से लेकर काफी ज्यादा तक जा सकती है।

कंप्रेसर खराब होने पर क्यों बढ़ जाता है खर्च?

कंप्रेसर एसी का सबसे जटिल हिस्सा होता है। इसमें मोटर और कई मैकेनिकल पार्ट्स लगे होते हैं, जो लगातार काम करते हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल, वोल्टेज की समस्या, गैस लीकेज या सही मेंटेनेंस न होने से कंप्रेसर पर असर पड़ सकता है। कई बार कंप्रेसर बदलने का खर्च नया एसी खरीदने के करीब पहुंच जाता है, इसलिए खरीदते समय इसकी क्वालिटी और वारंटी पर ध्यान देना जरूरी होता है।

AC के दूसरे महंगे पार्ट्स कौन से हैं?

PCB (Printed Circuit Board): इन्वर्टर एसी में PCB एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक हिस्सा होता है। इसमें खराबी आने पर एसी के कई फंक्शन बंद हो सकते हैं और इसे बदलने में अच्छा खासा खर्च आ सकता है।

इनडोर और आउटडोर यूनिट की मोटर: फैन मोटर खराब होने पर भी एसी की कूलिंग प्रभावित होती है। खासकर आउटडोर यूनिट की मोटर बदलना महंगा हो सकता है।

कॉपर कॉइल: एसी की कॉपर कॉइल गैस के प्रवाह में मदद करती है। कॉइल में लीकेज या खराबी आने पर मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है।

इन्वर्टर AC में खर्च ज्यादा क्यों हो सकता है?

इन्वर्टर एसी में सामान्य एसी की तुलना में ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट होते हैं। इससे बिजली की बचत तो होती है, लेकिन PCB जैसे पार्ट्स खराब होने पर रिपेयर कॉस्ट बढ़ सकती है, हालांकि अच्छी क्वालिटी और सही इस्तेमाल के साथ इन्वर्टर एसी लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन दे सकते हैं।

AC खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

एसी खरीदते समय सिर्फ शुरुआती कीमत न देखें। इन बातों पर भी ध्यान दें। जैसे- कंपनी की वारंटी कितनी है, कंप्रेसर पर कितने साल की वारंटी मिल रही है, सर्विस नेटवर्क कैसा है, स्पेयर पार्ट्स आसानी से उपलब्ध हैं या नहीं और बिजली की खपत कितनी है है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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