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SSY: मैच्योरिटी पर मिलेंगे 55 लाख, सुकन्या समृद्धि स्कीम में हर महीने करें इतने रुपये का निवेश

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 13, 2024, 12:35 PM IST

Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता केवल 10 साल से कम उम्र की लड़कियों का ही खुलता है। अगर कोई माता-पिता 15 साल तक हर महीने 10 रुपये का निवेश सुकन्या समृद्धि योजना में करते हैं, तो मैच्योरिटी पर उन्हें कितना पैसा मिलेगा। समझ लीजिए पूरा कैलकुलेशन।

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Sukanya Samriddhi Yojana Calculator

Photo : iStock

Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र सरकार देश की बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) चला रही है। इस स्कीम के जरिए माता-पिता अपनी बेटी के लिए छोटी राशि निवेश कर उसकी पढ़ाई और शादी के खर्च के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। इस स्मॉल सेविंग स्कीम में लंबे समय तक के लिए निवेश किया जा सकता है। अगर कोई माता-पिता 15 साल तक हर महीने 10 रुपये का निवेश सुकन्या समृद्धि योजना में करते हैं, तो मैच्योरिटी पर उन्हें कितना पैसा मिलेगा।

कितना मिल रहा है ब्याज

यह योजना माता-पिता और अभिभावकों को 10 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के नाम पर खाता खोलने की अनुमति देती है। इस खाते में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है। इस स्कीम में फिलहाल 8.2 फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है।

मैच्योरिटी पर 55 लाख

सुकन्या समृद्धि कैलकुलेटर सुकन्या अनुसार, 15 वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये जमा करने पर कुल 18,00,000 रुपये का निवेश होगा। 8.2 फीसदी की ब्याज दर पर मैच्योरिटी राशि 55,42,062 रुपये हो जाती है। इसमें निवेश अवधि के दौरान अर्जित ब्याज के रूप में 37,42,062 रुपये शामिल है।

कितना कर सकते हैं निवेश

सुकन्या समृद्धि स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता केवल 10 साल से कम उम्र की लड़कियों का ही खुलता है। माता-पिता या कानूनी अभिवाक यह खाता खुलवा सकते हैं। प्रति परिवार अधिकतम दो खातों की अनुमति है। यद‍ि एक बेटी के बाद दो जुड़वां बेटियां होती हैं तो उन दोनों के लिए भी खाता खोलने की सुविधा है। मैच्योरिटी अवधि खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष या लड़की की 18 वर्ष की उम्र के बाद शादी होने पर है।

एक बार खाता खोलने का काम पूरा हो जाने पर, ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके पैसा जमा किया जा सकता है। अगर साल में न्यूनतम राशि जमा नहीं करते हैं, तो खाते को डिफॉल्ट कैटेगरी में डाला जा सकता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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