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GST रजिस्ट्रेशन शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था बनाएं: CBIC ने केंद्रीय अधिकारियों को दिए निर्देश

GST registration applications: सीबीआईसी ने केंद्रीय कर के प्रधान मुख्य आयुक्तों को दिए निर्देश में कहा है कि शिकायत निवारण की स्थिति पर मासिक रिपोर्ट जीएसटी महानिदेशालय (डीजी) को भेजनी होगी, जो उसे संकलित कर बोर्ड के समक्ष पेश करेंगे। सीबीआईसी ने अधिकारियों को समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित करने और आवेदकों को सूचित करने का आदेश दिया है।

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GST registration applications

GST registration applications: जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों को शिकायत निवारण के लिए औपचारिक प्रणाली तैयार करने का निर्देश दिया है। अब आवेदक अपनी समस्याएं सार्वजनिक ईमेल के ज़रिए भेज सकेंगे और समयबद्ध समाधान की निगरानी भी की जाएगी।

सीबीआईसी ने केंद्रीय कर के प्रधान मुख्य आयुक्तों को दिए निर्देश में कहा है कि शिकायत निवारण की स्थिति पर मासिक रिपोर्ट जीएसटी महानिदेशालय (डीजी) को भेजनी होगी, जो उसे संकलित कर बोर्ड के समक्ष पेश करेंगे। सीबीआईसी ने कहा, "हरेक सीजीएसटी क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयुक्त/ मुख्य आयुक्त एक सार्वजनिक ईमेल पता जारी करेंगे, जिस पर आवेदक अपनी शिकायतें भेज सकेंगे। आवेदकों को एआरएन विवरण और उठाए गए मुद्दों का संक्षिप्त विवरण ईमेल पर भेजना होगा।"

सीबीआईसी ने अधिकारियों को समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित करने और आवेदकों को सूचित करने का आदेश दिया है। यह कदम जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर उन शिकायतों के बाद जिनमें अधिकारियों द्वारा अनावश्यक स्पष्टीकरण और अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही थी।

पिछले महीने, सीबीआईसी ने कहा था कि व्यवसायों को जीएसटी पंजीकरण सात दिनों के भीतर मिल जाएगा, जबकि जो आवेदन "जोखिमपूर्ण" माने जाएंगे, उन्हें 30 दिनों के भीतर फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद प्रोसेस किया जाएगा।

कुछ क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा "अनावश्यक दस्तावेज" मांगने और "पूर्वानुमानित सवाल" उठाने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, सीबीआईसी ने एक "संकेतात्मक सूची" जारी की है, जिसमें अधिकारियों को ऑनलाइन दस्तावेज़ मांगने की अनुमति दी गई है।

सीबीआईसी द्वारा यह निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने में व्यवसायों को जो कठिनाइयाँ आ रही थीं, वे मुख्य रूप से अधिकारियों द्वारा किए जा रहे स्पष्टीकरण और अतिरिक्त दस्तावेज़ों की मांग के कारण थीं, जो बोर्ड द्वारा निर्धारित नहीं किए गए थे। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि यह जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathel author

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ग... और देखें

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