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मानसून में फ्रिज कितने नंबर पर चलाना चाहिए? एक गलती बढ़ा सकती है मुश्किल, जान लें सही सेटिंग

मानसून के मौसम में फ्रिज के टेम्प्रेचर में बदलाव की जरूरत पड़ती है। अगर आप मई-जून की सेटिंग पर ही फ्रिज को चलाते रहते हैं तो इससे आपकी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। आइए आपको बताते हैं कि बरसात के मौसम में फ्रिज को किस नंबर पर चलाना चाहिए।

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फ्रिज की गलत सेटिंग से कंप्रेशर पर भी प्रेशर बढ़ सकता है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

Monsoon refrigerator settings: मानसून का मौसम हमें भीषण गर्मी से राहत तो देता है लेकिन लगातार बरसात की वजह से ह्यूमिडिटी भी बढ़ जाती है। बरसात के मौसम में हमें रहन सहन के तरीके में भी बदलाव करना पड़ता है। इस मौसम में एसी, फ्रिज और कूलर के इस्तेमाल में भी सतर्कता बरतनी पड़ती है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि फ्रिज को हर एक मौसम में किसी भी नंबर पर चला चला सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप गलत टेम्प्रेचर पर फ्रिज को सेट करते हैं तो कंप्रेशर पर जोर पड़ता है और साथ ही खाने पीने की चीजें भी खराब हो सकती हैं।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मानसून यानी बरसात के समय फ्रिज को कितने नंबर पर चलाना चाहिए, ताकि बिजली की बचत भी हो और खाने पीने वाली चीजें भी लंबे समय तक सुरक्षित रहें।

मानसून में फ्रिज कितने नंबर पर रखें?

अगर आपके फ्रिज में 1 से 5 या 1 से 7 तक का नॉब दिया गया है, तो सामान्य तौर पर मानसून में उसे 3 या 4 नंबर पर रखना सबसे बेहतर माना जाता है। आइए आपको डिटेल में बताते हैं कि अलग-अलग नंबर पर क्या असर पड़ता है।
  • 1-2 नंबर: बहुत कम कूलिंग, जिससे दूध, दही और सब्जियां जल्दी खराब हो सकती हैं।
  • 3-4 नंबर: मानसून के लिए संतुलित सेटिंग। पर्याप्त ठंडक मिलती है और बिजली की खपत भी नियंत्रित रहती है।
  • 5-7 नंबर: बहुत ज्यादा कूलिंग। इसकी जरूरत आमतौर पर गर्मियों के चरम दिनों में होती है। मानसून में इसे लगातार हाई पर रखने से बिजली की खपत बढ़ सकती है और कुछ खाद्य पदार्थ जरूरत से ज्यादा ठंडे होकर प्रभावित हो सकते हैं।

क्या हर फ्रिज में एक जैसी सेटिंग सही होती है?

नहीं। फ्रिज की क्षमता, मॉडल, उपयोग और उसमें रखे सामान की मात्रा के अनुसार सही सेटिंग बदल सकती है। अगर आपका फ्रिज डिजिटल तापमान नियंत्रण वाला है, तो तापमान सीधे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना बेहतर रहेगा। वहीं नॉब वाले फ्रिज में 3 या 4 नंबर आमतौर पर मानसून के लिए उपयुक्त माना जाता है।

कितना होना चाहिए टेम्प्रेचर

अगर आप मानसून में फ्रिज का इस्तेमाल कर रहे हैं तो बता दें कि फ्रिज का तापमान लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और फ्रीजर का तापमान -18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रखना बेहतर माना जाता है। इस टेम्प्रेचर पर ज्यादातर खाने पीने की चीजें पूरी तरह से सेफ मानी जाती है।

मानसून में खाना जल्दी क्यों खराब होता है?

बरसात के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है। ऐसे माहौल में बैक्टीरिया और फफूंदी तेजी से पनप सकते हैं। यदि फ्रिज का तापमान सही न हो या दरवाजा बार-बार खोला जाए, तो अंदर का तापमान बढ़ जाता है और खाने की चीजें जल्दी खराब होने लगती हैं।

बिजली बचाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

  • फ्रिज का दरवाजा बार-बार और लंबे समय तक खुला न रखें।
  • गर्म खाना सीधे फ्रिज में न रखें। पहले उसे सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें।
  • फ्रिज को जरूरत से ज्यादा न भरें, ताकि ठंडी हवा आसानी से घूम सके।
  • दरवाजे की रबर (गैस्केट) की समय-समय पर जांच करें। अगर सील ढीली है, तो ठंडक बाहर निकल सकती है।
  • फ्रिज के पीछे की तरफ पर्याप्त जगह छोड़ें, ताकि गर्म हवा आसानी से बाहर निकल सके।
Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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