EPFO: केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव (Union Labor Minister Bhupendra Yadav) ने मंगलवार को कहा कि सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ का दायरा मौजूदा 6.5 करोड़ सदस्यों से बढ़ाकर 10 करोड़ सदस्यों तक किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 70वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक समारोह में यादव ने कहा कि ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे का विस्तार किया जाएगा। इसे 6.5 करोड़ सदस्यों से बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाएगा।
10 करोड़ सदस्यों तक बढ़ाया जाएगा EPFO का दायरा- केंद्रीय श्रम मंत्री
उन्होंने ईपीएफओ के विजन 2047 दस्तावेज का अनावरण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईपीएफओ की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने मुकदमों को कम करना और प्रसार को बढ़ाना है। इससे पहले सोमवार को सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ ने छह महीने से भी कम समय में सेवानिवृत्त होने वाले अपने अंशधारकों को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत जमा राशि निकालने की अनुमति दे दी।
ईपीएफओ बोर्ड ने ईपीएस-95 योजना से निकासी की अनुमति दी
फिलहाल कर्मचारी भविष्य निधि कोष (ईपीएफओ) ग्राहकों को छह महीने से कम सेवा बाकी रहने पर अपने कर्मचारी भविष्य निधि खाते में ही जमा राशि की निकासी की अनुमति मिली हुई है। ईपीएफओ के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) की सोमवार को संपन्न 232वीं बैठक में सरकार को अनुशंसा की गई कि ईपीएस-95 योजना में कुछ संशोधन कर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अंशदाताओं को पेंशन कोष में जमा राशि निकालने की अनुमति दी जाए।
श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक सीबीटी ने सरकार से सिफारिश की है कि छह महीने से भी कम सेवा अवधि वाले सदस्यों को अपने ईपीएस खाते से निकासी की सुविधा दी जाए। इसके अलावा न्यासी मंडल ने 34 वर्षों से अधिक समय से इस योजना का हिस्सा रहे सदस्यों को आनुपातिक पेंशन लाभ देने की भी अनुशंसा की है। इस सुविधा से पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति लाभ के निर्धारण के वक्त ज्यादा पेंशन पाने में मदद मिलेगी।
श्रम मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ के न्यासी मंडल ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) यूनिट में निवेश के लिए एक विमोचन नीति को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफओ के कामकाज पर तैयार 69वीं वार्षिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई जिसे संसद में पेश किया जाएगा। (इनपुट-भाषा के साथ)
