नई दिल्ली। फेस्टिवल सीजन से पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट (Repo Rate) में बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा असर लोन ग्राहकों पर पड़ेगा क्योंकि रेपो रेट के बढ़ने से ना सिर्फ होम लोन, कोर लोन, पर्सनल लोन, आदि के मौजूदा ग्राहक प्रभावित होंगे, बल्कि नए लोन ग्राहकों पर भी इसका असर होगा। दरअसल रिजर्व बैंक की ओर से दरें बढ़ाने के बाद बैंक अपना लोन महंगा कर सकते हैं, जैसा कि हर बार देखने को मिलता है।
कितनी बढ़ेगी ईएमआई?
मान लीजिए कि आपने 20 साल के लिए 30 लाख रुपये का होम लोन लिया है और इस पर बैंक 6.75 फीसदी ब्याज ले रहा है। इस हिसाब से आपकी ईएमआई 22,811 रुपये होती है। अब अगर बैंक ईएमआई को बढ़ाकर 7.15 कर देता है, तो आपकी ईएमआई भी बढ़ेगी और आपको 23,530 रुपये का भुगतान करना होगा। यानी इसमें 719 रुपये का इजाफा होगा।
| लोन की रकम | अवधि | वर्तमान ब्याज दर | पुरानी ईएमआई (रु में) | नई ब्याज दर | नई ईएमआई (रु में) | अंतर (रु में) |
| 30 लाख रुपये | 20 साल | 6.75 फीसदी | 22,811 | 7.15 फीसदी | 23,530 | 719 |
| 50 लाख रुपये | 20 साल | 6.75 फीसदी | 38,018 | 7.15 फीसदी | 39,216 | 1,198 |
| 75 लाख रुपये | 20 साल | 6.75 फीसदी | 57,027 | 7.15 फीसदी | 58,825 | 1,798 |
दरअसल रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को लोन देता है। यानी रेपो रेट के बढ़ने से बैंकों को मिलने वाला कर्ज महंगा हो जाता है। बैंक इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। बैंक फैसला लेते हैं रेपो रेट बढ़ने के बाद वे अपने लोन ग्राहकों की ईएमआई में कब और कितनी इजाफा करेंगे।
