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Hospitals Bills: देश के सभी हॉस्पिटल में बिल एक बराबर करने की तैयारी, मरीजों को क्या होगा फायदा

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated May 28, 2024, 04:07 PM IST

Hospitals Bills: मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, प्राइवेट हॉस्पिटल के बिलिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी का मुद्दा लंबे से चिंता का विषय रहा है। कोविड महामारी के दौरान इसमें तेजी से बढ़ोतरी देखी गई थी। बिलिंग सिस्टम में एकरूपता लाने की जरूरत है। इससे जनता और प्रशासन दोनों को मदद मिलेगी।

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(प्रतीकात्मक फोटो)

BIS Hospitals Bills: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) देशभर के सभी हॉस्पिटलों में बिलिंग प्रोसेस के लिए एक समान मानक तय करने की प्लानिंग कर रहा है। इस संबंध में जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस फैसले मरीजों के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस वाली कंपनियों और सरकारी एजेंसियों को भी फायदा होगा। बीआईस ने इस संबंध में इंडस्ट्री निकायों और इससे जुड़े हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।

इस मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, हाल ही में इस संबंध में बैठक बुलाई गई थी। हाल ही में हुई बैठक में सभी हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इसमें सभी से सुझाव मांगे गए हैं कि अस्पतालों में बिलिंग प्रोसेस में क्या-क्या बदलाव किए जा सकते हैं।

बिलिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी

मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, प्राइवेट हॉस्पिटल के बिलिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी का मुद्दा लंबे से चिंता का विषय रहा है। कोविड महामारी के दौरान इसमें तेजी से बढ़ोतरी देखी गई थी। बिल के नाम पर मरीजों से मोटा पैसा वसूला गया था। इससे जड़ी तमाम तरह की शिकातें सोशल मीडिया पर देखने को मिली थीं। ऐसे में जनता और डॉक्टर के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इसलिए अस्पतालों के बिलिंग सिस्टम में एकरूपता लाने की जरूरत है। इससे जनता और प्रशासन दोनों को मदद मिलेगी।

बिलों के डिटेल्स की कमी

एक सर्वे रिपोर्ट के दौरान देश के 74 फीसदी लोग सरकार द्वारा हॉस्पिटल के बिलों में अनिवार्य बीआईएस मानक बनाने के पक्ष में हैं। ज्यादातर लोग बिलिंग सिस्टम और अस्पताल के बिलों के डिटेल्स की कमी से खुश नहीं थे। इस सर्वे में देश के 305 जिलों से लगभग 23,000 नागरिक शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड महामारी के तीन साल में हॉस्पिटल के सामने कई तरह की समस्याएं आईं। बिना किसी डिटेल्स के इलाज के बाद भारी-भरकम बिल थमाए गए।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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