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PPF vs Mutual Fund: किस स्कीम में निवेश कर बन सकते हैं जल्दी करोड़पति, पीपीएफ या म्यूचुअल फंड, कहां करें निवेश

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 19, 2024, 11:41 AM IST

PPF vs Mutual Fund: कुछ लोग ऐसी स्कीम में निवेश करना पसंद करता हैं, जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे। कुछ लोग रिस्क वाली स्कीम में निवेश करना पसंद करते हैं। अब अगर दोनों फैक्टर्स वाले निवेश प्लान की बात करें, तो एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) है और दूसरा है म्यूचुअल फंड (MF)।

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PPF VS Mutual Fund

Photo : iStock

PPF vs Mutual Fund: अपने फ्यूचर को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए लोग अलग-अलग स्कीम में पैसा निवेश करते हैं। कुछ लोग ऐसी स्कीम में निवेश करना पसंद करता हैं, जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे। कुछ लोग रिस्क वाली स्कीम में निवेश करना पसंद करते हैं। अब अगर दोनों फैक्टर्स वाले निवेश प्लान की बात करें, तो एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) है और दूसरा है म्यूचुअल फंड (MF)। अधिक रिटर्न के लिए लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, लेकिन इसमें जोखिम होता है। क्योंकि स्टॉक मार्केट का उतार-चढ़ाव से यह प्रभावित होता है। पीपीएफ का शेयर मार्केट से कोई लेना देना नहीं है। इसमें निवेश की राशि पर आपको तय ब्याज मिलता रहेगा।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक लॉन्ग टर्म निवेश स्कीम है। इस स्कीम में निवेश कर आप न सिर्फ अपने फ्यूचर के लिए फंड जमा कर सकते हैं, बल्कि इनकम टैक्स भी बचा सकते हैं। PPF में निवेशकों को जमा राशि पर ब्याज मिलता है और इस ब्याज की इनकम पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस स्कीम में निवेश की रकम इसलिए सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि निवेश की गारंटी सरकार लेती है।

इनकम टैक्स छूट

इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत पीपीएफ में निवेश करके आप सालाना अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं। इस स्कीम में आप सिर्फ 500 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड

म्यूचुअल फंड के अलग-अलग फंड में निवेशक अपना पैसा लगाते हैं और इसे मैनेज प्रोफेशनल्स करते हैं। मतलब आपके निवेश के पैसे को प्रोफेशनल्स अलग-अलग जगहों पर लगाते हैं और फिर उससे मिलने वाले रिटर्न आपको देते हैं। खासकर म्यूचुअल फंड का पैसा स्टॉक मार्केट में लगाया जाता है।

म्यूचुअल फंड के बेनिफिट

म्यूचुअल फंड के कई बेनिफिट हैं। पहला कि आपको अधिक रिटर्न मिलता है। इसके अलावा आपके फंड को प्रोफेशनल्स मैनेज करते हैं। म्यूचुअल फंड में एसआईपी के साथ-साथ लंप सम्प विकल्प भी मिलता है। साथ ही आप छोटी रकम से भी इसमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।

आसान भाषा में समझिए

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो आपको औसतन 12 फीसदी का सालाना रिटर्न आसानी से मिल सकता है। क्योंकि यहां कंपाउंडिंग का फायदा भी मिलता है। अगर आप इस इंस्ट्रूमेंट में हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं और 12 फीसदी सालाना रिटर्न मानते हैं तो आप 20 साल में करोड़पति बन जाएंगे। अगर 15 फीसदी रिटर्न के हिसाब से देखें तो इस निवेश से 20 साल में 1.75 करोड़ रुपये मिलेंगे।

मान लीजिए आप हर महीने 10,000 रुपये निवेश करके करोड़पति बनना चाहते हैं। आपने निवेश के लिए पीपीएफ को चुना। मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से इंटरेस्ट मिल रहा है। हालांकि, सरकार पीपीएफ के ब्याज दर में बदलाव करती रहती है। मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से 10,000 रुपये हर महीने निवेश करके आप को करोड़पति बनने में 27 साल से अधिक का समय लगेगा।

निवेश के अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पीपीएफ और म्यूचुअल फंड अलग-अलग प्रकार के निवेश के इंस्ट्रूमेंट हैं। म्यूचुअल फंड इक्विटी, डेट, गोल्ड और अन्य एसेट में निवेश कर सकते हैं, वे बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम उठाते हैं। इसके विपरीत, पीपीएफ एक निश्चित इनकम वाला इंस्ट्रूमेंट है जो पूरी तरह से कम जोखिम, लो रिवॉर्ड वाली सरकारी सिक्योरिटी पर फोकस करता है।

लेकिन, अगर आप एक लॉन्ग टर्म निवेशक (पांच साल और उससे अधिक) हैं, तो इक्विटी में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड वेल्थ-कंपाउंडिंग स्प्रिंटर्स हो सकते हैं, जो उनके प्रभावशाली लॉन्ग टर्म रिटर्न से स्पष्ट है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भले ही इक्विटी म्यूचुअल फंड शॉर्ट टर्म में अस्थिर हो सकते हैं, लेकिन वे आमतौर पर लॉन्ग टर्म में अधिक रिटर्न देते हैं।

(नोट: म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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