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दमदार हैं पोस्ट ऑफिस की ये दो स्कीमें, जानें- NSC और POMIS में कौन सी है आपके लिए बेस्ट

पोस्ट ऑफिस भारत के सबसे पुराने संस्थानों में से एक हैं और यह डाक संबंधित सुविधाओं के साथ इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत सी योजनाएं भी ऑफर करते हैं। ऐसी ही दो योजनाएं राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट (NSC) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) भी हैं। आज हम आपके सामने दोनों ही योजनाओं की जानकारी, फायदे और पात्रता रखने वाले हैं ताकि आप इनमें से इन्वेस्टमेंट के बेहतर विकल्प को चुन सकें।

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जानिए NSC और POMIS में कौन सा ऑप्शन है बेहतर

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POMIS Vs NSC: पोस्ट ऑफिस भारत के सबसे पुराने संस्थानों में से एक हैं। विभिन्न प्रकार की डाक संबंधित सुविधाएं प्रदान करने के साथ ही पोस्ट ऑफिस इन्वेस्टमेंट के लिए योजनाएं भी ऑफर करते हैं। राष्ट्रीय बचत योजना (NSC) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) ऐसी ही दो योजनाएं हैं जिनमें इन्वेस्ट करके आप मोटा पैसा बचा सकते हैं। जहां POMIS आपको नियमित मासिक आय प्रदान करती है, वहीं NSC में इन्वेस्ट किये गए पैसे पर आप सालाना 7.7% का शानदार ब्याज भी प्राप्त कर सकते हैं।

POMIS (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम)NSC (राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट)
अवधी5 साल5 साल
इंटरेस्ट रेट7.4% सालाना7.7% सालाना (वार्षिक रूप से कंपाउंडेड)
पात्रताकोई भी भारतीय व्यस्क, नाबालिग (गार्डियन के नाम पर)कोई भी भारतीय व्यस्क, नाबालिग (गार्डियन के नाम पर)
अधिकतम इन्वेस्टमेंटसिंगल अकाउंट - 9 लाख, जॉइंट अकाउंट 15 लाख कोई सीमा नहीं है

POMIS: फायदे और पात्रता

POMIS में कोई भी व्यस्क या नाबालिग भारतीय नागरिक इन्वेस्ट कर सकता है। इसमें इन्वेस्ट करने के लिए आपको अपने करीबी पोस्ट ऑफिस से संपर्क करना होगा। नाबालिग का अकाउंट उसके गार्डियन के नाम पर खोला जा सकता है। इस योजना में 3 लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। एक व्यक्ति इस योजना में अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये तक इन्वेस्ट किये जा सकते हैं। योजना में आपको 7.4% का सालाना ब्याज मिलता है जिसे हर महीने आय के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना में प्राप्त होने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती भी की जाती है।

NSC: पात्रता और फायदे

NSC का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का है और एक बार मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद ही आप पैसे निकाल सकते हैं। कोई भी भारतीय व्यक्ति या नाबालिग (गार्डियन के नाम पर) इस योजना में एक या जॉइंट अकाउंट खुलवा सकता है। इस योजना में सालाना 7.7% ब्याज मिलता है जो वार्षिक रूप से कंपाउंड किया जाता है। योजना में इन्वेस्ट करने की कोई भी अधिकतम सीमा नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन 80C के तहत जमा किये गए पैसे पर टैक्स बेनेफिट प्राप्त किये जा सकते हैं, लेकिन प्राप्त होने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती की जाती है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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