प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बैंकिंग सुरक्षा और KYC अपडेट को लेकर एक अहम संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर बैंक की ओर से KYC update या re-KYC कराने का मैसेज आए तो उसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह उनके पैसे की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
“पहले KYC करा चुके हैं, फिर क्यों?” उठता है सवाल
पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि जब उन्होंने पहले ही KYC पूरा कर लिया है, तो दोबारा इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है। इस पर स्पष्ट किया गया कि समय-समय पर बैंक ग्राहकों की जानकारी को अपडेट करते हैं, ताकि खातों की सुरक्षा बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा न हो। उन्होंने कहा, “मेरा आपसे आग्रह है, झुंझलाइए नहीं, यह आपके पैसे की सुरक्षा के लिए ही है।”
बैंक खाते से जुड़ी हैं कई जरूरी सुविधाएं
आज के समय में पेंशन, सब्सिडी, बीमा और UPI जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं सीधे बैंक खाते से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि खाता धारक की जानकारी सही और अपडेटेड रहे। इसी कारण बैंक समय-समय पर re-KYC की प्रक्रिया अपनाते हैं, ताकि ग्राहक का बैंक अकाउंट सुरक्षित रहे।
फर्जी कॉल और लिंक से रहें सतर्क
उन्होंने लोगों को साइबर अपराधियों से सावधान रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई अपराधी फर्जी कॉल, SMS या लिंक भेजकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि ग्राहक किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी निजी जानकारी साझा न करें। बैंक से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए आधिकारिक शाखा या विश्वसनीय माध्यम का ही उपयोग करें।
सतर्कता ही सुरक्षा
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने यह भी दोहराया गया कि डिजिटल लेन-देन के इस दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है। KYC और re-KYC जैसी प्रक्रियाएं ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हैं, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। इसलिए अगर बैंक की ओर से KYC अपडेट का संदेश मिले, तो उसे गंभीरता से लें और सही तरीके से प्रक्रिया पूरी करें, लेकिन साथ ही धोखेबाजों से भी सावधान रहें।
