Aaj Ka Panchang 16 July 2026 : आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के विशेष अवसर पर विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। उड़ीसा के पुरी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज महाप्रभु जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
सनातन धर्म में इस रथ यात्रा का अत्यंत विशेष और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु श्रद्धा भाव से महाप्रभु के रथ को खींचता है या उनके रथ के दर्शन करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके जन्म-जन्मांतर के सभी पाप कट जाते हैं। आज का यह दिन भक्ति और उत्सव के रंग में सराबोर रहने वाला है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
आज 16 जुलाई 2026 को सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर रहेगा, जबकि सूर्यास्त शाम को 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। वहीं चंद्रोदय की बात करें तो आज सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर चंद्रमा का उदय होगा और चंद्रास्त रात को 8 बजकर 58 मिनट पर होगा। आज का दिनमान कुल 13 घंटे 46 मिनट और 57 सेकंड का रहेगा, जबकि रात्रिमान 10 घंटे 13 मिनट और 33 सेकंड का रहने वाला है। आज दोपहर में मध्याह्न का समय 12 बजकर 27 मिनट पर रहेगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज नक्षत्रों में अश्लेषा नक्षत्र शाम को 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। आज का मुख्य योग सिद्धि योग है, जो अगले दिन यानी 17 जुलाई की रात 1 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसके बाद व्यतीपात योग की शुरुआत होगी। करण की बात करें तो कौलव करण सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद तैतिल करण शाम को 7 बजकर 35 मिनट तक सक्रिय रहेगा और फिर गर करण का आरंभ होगा। आज का दिन गुरुवार है।
हिंदू संवत, चंद्र मास और विक्रम संवत 2083 का मंत्रिमंडल
वर्तमान में विक्रम संवत 2083 चल रहा है, जिसका नाम सिद्धार्थ है। शक संवत 1948 पराभव और रौद्र है, जबकि गुजराती संवत 2082 पिंगल है। आज चंद्र मास आषाढ़ पूर्णिमांत और आषाढ़ अमान्त है। विक्रम संवत 2083 के मंत्रिमंडल में इस वर्ष राजा का पद देवगुरु बृहस्पति के पास है, जो शासन व्यवस्था के स्वामी हैं। रक्षा मंत्री और सेनापति का पद चंद्रमा संभाल रहे हैं।
गृह और नीति मंत्री का कार्यभार मंगल के पास है। रबी की फसलों के स्वामी यानी धान्याधिपति बुध हैं, जबकि खरीफ की फसलों के स्वामी यानी सस्याधिपति स्वयं गुरु हैं। बादलों और वर्षा के स्वामी यानी मेघाधिपति चंद्रमा हैं। खजाने और धन के स्वामी यानी धनाधिपति का पद गुरु के पास है। धातुओं और खनिजों के स्वामी यानी नीरसाधिपति भी गुरु हैं। रसों के स्वामी यानी रसाधिपति शनि हैं और फलों के स्वामी फलाधिपति चंद्रमा हैं।
सूर्य और चंद्र राशि का गोचर व नक्षत्र पद
आज चंद्रमा शाम को 7 बजकर 52 मिनट तक कर्क राशि में संचरण करेंगे, जिसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। चंद्रमा के नक्षत्र पदों में अश्लेषा नक्षत्र का पद सुबह 8 बजकर 45 मिनट तक रहेगा और उसके बाद दोपहर 2 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र के पद का प्रभाव रहेगा। सूर्य देव आज रात 11 बजकर 45 मिनट तक मिथुन राशि में रहेंगे, जिसके बाद वे कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। आज सूर्य का नक्षत्र पुनर्वसु रात 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र की शुरुआत होगी। आज की ऋतु वर्षा है और अयन दक्षिणायण है।
16 जुलाई के शुभ मुहूर्त
आज के दिन शुभ, धार्मिक और मांगलिक कार्यों के संपादन के लिए निम्नलिखित शुभ समय उपलब्ध हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:12 ए एम से सुबह 04:53 ए एम तक
- प्रातः संध्या: सुबह 04:32 ए एम से सुबह 05:34 ए एम तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 पी एम से दोपहर 12:55 पी एम तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 पी एम से दोपहर 03:40 पी एम तक
- अमृत काल: शाम को 06:23 पी एम से शाम 07:52 पी एम तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:19 पी एम से शाम 07:40 पी एम तक
- सायाह्न संध्या: शाम 07:21 पी एम से रात 08:22 पी एम तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12:07 ए एम (17 जुलाई) से रात 12:48 ए एम (17 जुलाई) तक
- रवि योग: शाम को 07:52 पी एम से अगले दिन सुबह 05:34 ए एम (17 जुलाई) तक
16 जुलाई के अशुभ मुहूर्त
आज के दिन निम्नलिखित अवधियों में किसी भी प्रकार के नए, महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल: दोपहर 02:10 पी एम से दोपहर 03:54 पी एम तक
- यमगंड काल: सुबह 05:34 ए एम से सुबह 07:17 ए एम तक
- गुलिक काल: सुबह 09:00 ए एम से सुबह 10:44 ए एम तक
- वर्ज्य काल: सुबह 09:33 ए एम से सुबह 11:02 ए एम तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:09 ए एम से सुबह 11:04 ए एम तक, और दोपहर 03:40 पी एम से शाम 04:35 पी एम तक
- विडाल योग: सुबह 05:34 ए एम से शाम 07:52 पी एम तक
- गंडमूल काल: पूरे दिन प्रभावी रहेगा
- बाण (अग्नि): रात 11:45 पी एम तक रहेगा
दिशा शूल, चंद्र वास और कुंभ चक्र
आज गुरुवार होने के कारण दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो बुधवार के नियमों का पालन करते हुए प्रस्थान करें। आज चंद्रमा का वास उत्तर दिशा में शाम को 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। अग्निवास की स्थिति सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक पृथ्वी पर रहेगी, जिसके बाद आकाश में होगी। राहु का वास आज दक्षिण दिशा में रहेगा। शिवजी का वास आज माता गौरी के साथ सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। आज के कुंभ चक्र के अनुसार, जब सूर्य नक्षत्र से चंद्र नक्षत्र की दूरी कुंभ के पूर्व में पड़ रही हो तो इसे शास्त्रानुसार अशुभ माना जाता है। कलश पर यह स्थिति जातक के लिए अकाल मृत्यु जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का कारण भी बन सकती है।
