गर्मी के मौसम में बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है। खासकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में जहां तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है। ऐसे समय में पंखे, कूलर, एसी और अन्य उपकरण ज्यादा चलने से बिजली का इस्तेमाल बढ़ना सामान्य है। लेकिन कई बार लोगों को उस समय परेशानी होती है जब उनका बिजली बिल अचानक बहुत ज्यादा आ जाता है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं होती कि बिजली का बिल कैसे तैयार होता है, यूनिट का हिसाब कैसे लगाया जाता है और ज्यादा बिल आने पर उनके पास कौन-कौन से अधिकार होते हैं।
देश में कितने बिजली कनेक्शन हैं?
इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 तक भारत में बिजली कनेक्शनों की संख्या करीब 33.45 करोड़ थी। देश के करोड़ों परिवार हर महीने बिजली बिल का भुगतान करते हैं।
बिजली का बिल कैसे बनता है?
बिजली कंपनियां ग्राहकों से बिल वसूलने के लिए स्लैब सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं। इसका मतलब है कि कम बिजली इस्तेमाल करने पर प्रति यूनिट चार्ज कम होता है, जबकि ज्यादा यूनिट खर्च होने पर प्रति यूनिट कीमत बढ़ सकती है। इसी वजह से गर्मियों में बिजली की ज्यादा खपत होने पर बिल काफी बढ़ जाता है।
ज्यादा बिजली बिल आने के मुख्य कारण
अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपके घर का बिजली बिल सामान्य से बहुत अधिक आ रहा है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बिजली बिल सामान्य से बहुत ज्यादा आया है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
- मीटर रीडिंग में गलती
- खराब या तेज चलने वाला मीटर
- गलत टैरिफ श्रेणी में कनेक्शन दर्ज होना
- बिजली उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल
- पुराने और ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण
- ज्यादा बिल आने पर क्या करना चाहिए?
कई लोग ज्यादा बिल आने पर या तो उसे नजरअंदाज कर देते हैं या फिर कनेक्शन कटने के डर से बिना जांच किए भुगतान कर देते हैं। दोनों ही स्थितियों में उपभोक्ता को पहले अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए और समस्या की जांच करवानी चाहिए।
बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार क्या हैं?
उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (CGRF)
हर बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के लिए उपभोक्ताओं की शिकायतों को हल करने के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (Consumer Grievance Redressal Forum) बनाना जरूरी होता है। अगर आपको गलत बिल, मीटर की समस्या या किसी अन्य बिजली सेवा से जुड़ी परेशानी है, तो आप अपने क्षेत्र की बिजली कंपनी के CGRF में शिकायत कर सकते हैं।
बिजली लोकपाल (Electricity Ombudsman)
अगर CGRF के फैसले से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप अपने राज्य के नियमों के अनुसार बिजली लोकपाल के पास शिकायत कर सकते हैं। बिजली लोकपाल उपभोक्ता और बिजली कंपनी के बीच विवाद को सुलझाने में मदद करता है।
उपभोक्ता संरक्षण कानून का सहारा
बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 के तहत ग्राहकों को बेहतर सेवा, सही बिलिंग और समय पर शिकायत समाधान पाने का अधिकार दिया गया है। अगर बिजली कंपनी की लापरवाही, गलत बिल या सेवा में कमी के कारण आपको नुकसान हुआ है, तो आप परिस्थितियों के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत भी शिकायत कर सकते हैं।
स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिल आने की शिकायतें
कई इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये डिजिटल मीटर होते हैं जो बिजली की खपत को लगातार रिकॉर्ड करते हैं और यह जानकारी बिजली कंपनी तक पहुंचाते हैं। कुछ जगहों पर स्मार्ट मीटर की गलत रीडिंग या तकनीकी समस्या के कारण ज्यादा बिल आने की शिकायतें सामने आई हैं। अगर आपके स्मार्ट मीटर से जुड़ी ऐसी समस्या है, तो आप ये कदम उठा सकते हैं:
रोजाना बिजली खपत की जांच करें: अगर आपके पास स्मार्ट मीटर ऐप है, तो उसमें रोज की बिजली खपत देखें। इससे पता चल सकता है कि किस दिन ज्यादा बिजली इस्तेमाल हुई।
बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज करें: अपनी बिजली वितरण कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और शिकायत नंबर जरूर लें।
मीटर जांच की मांग करें: अगर आपको लगता है कि मीटर सही काम नहीं कर रहा है, तो आप बिजली विभाग से मीटर टेस्ट करवाने का अनुरोध कर सकते हैं। जांच के बाद पता चल सकता है कि मीटर में खराबी है या नहीं।
घर के बिजली उपकरणों की जांच करें: पुराने फ्रिज, एसी, हीटर या अन्य उपकरण ज्यादा बिजली खर्च कर सकते हैं। समय-समय पर इनकी जांच करवाना फायदेमंद रहता है।
सोलर बिजली का विकल्प अपनाएं: बिजली खर्च कम करने के लिए लोग सोलर पैनल का विकल्प भी अपना सकते हैं। सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से लोग सोलर सिस्टम लगाने के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
