मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत तक पहुंचने लगा है। तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण घरेलू रसोई गैस यानी LPG की उपलब्धता में दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। कई शहरों में सिलेंडर की सप्लाई देरी से हो रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति में लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जो बिजली से चलने वाला एक आसान विकल्प बनकर उभरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडक्शन पर हर तरह का खाना बनाना सही नहीं होता? आइए जानते हैं विस्तार से।
इंडक्शन कुकिंग क्यों बन रहा है विकल्प?
गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच इंडक्शन कुकटॉप लोगों के लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प बन रहा है। इसमें जल्दी खाना बनता है और आग का खतरा भी कम होता है, हालांकि इसकी कुछ सीमाएं भी हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।
इंडक्शन पर क्या नहीं बनाना चाहिए?
1. तली-भुनी चीजें (डीप फ्राई)
इंडक्शन पर डीप फ्राई करना सही नहीं माना जाता। इसकी हीट कंट्रोल अलग होता है, जिससे तेल का तापमान अचानक बढ़ सकता है और खाना जल सकता है या दुर्घटना का खतरा भी हो सकता है।
2. रोटी और फुलका
इंडक्शन पर सीधे रोटी या फुलका बनाना मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें खुली आंच नहीं होती। इससे रोटी ठीक से फूल नहीं पाती और स्वाद भी प्रभावित होता है।
3. भारी और नॉन-इंडक्शन बर्तन में खाना
इंडक्शन केवल उन्हीं बर्तनों पर काम करता है जिनमें मैग्नेटिक बेस होता है। एल्युमिनियम, कांच या मिट्टी के बर्तन इसमें सही से काम नहीं करते।
4. धीमी आंच वाले व्यंजन
कुछ पारंपरिक व्यंजन जैसे दाल को धीमी आंच पर पकाना या लंबे समय तक उबालना इंडक्शन पर उतना प्रभावी नहीं होता, क्योंकि इसमें तापमान लगातार बदलता रहता है।
5. बड़ी मात्रा में खाना
इंडक्शन कुकटॉप छोटे परिवारों के लिए बेहतर होता है। बड़ी मात्रा में खाना बनाना इसमें थोड़ा मुश्किल और समय लेने वाला हो सकता है।
इंडक्शन इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
इंडक्शन का सही उपयोग करने के लिए हमेशा इंडक्शन-फ्रेंडली बर्तन ही इस्तेमाल करें। साथ ही, बिजली की खपत का भी ध्यान रखें, क्योंकि लगातार इस्तेमाल से बिजली बिल बढ़ सकता है।
