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EPFO पेंशन 1000 रुपये से अधिक कर सकती है सरकार, नए लेबर कानून लागू करने की तैयारी

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 30, 2024, 11:11 AM IST

EPFO Minimum Pension: वित्त वर्ष 23 की ईपीएफओ की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल 75.5 लाख पेंशनर्स हैं, जिनमें से 36.4 लाख को 1,000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलती है। नए श्रम कानूनों को लागू करने के अलावा ईपीएफओ की न्यूनतम पेंशन सीमा को 1000 रुपये से अधिक करने पर भी चर्चा चल रही है।

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EPFO Pension

Photo : iStock

EPFO Minimum Pension: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) 1995 के तहत पेंशनर्स को 1000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन मिलने में करीब एक दशक का समय लग गया है। जल्द ही इस राशि में बढ़ोतरी की जा सकती है। केंद्र ने एक सितंबर 2014 से पेंशन की यह मिनिमम राशि तय कर रखी है। वित्त वर्ष 23 की ईपीएफओ की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल 75.5 लाख पेंशनर्स हैं, जिनमें से 36.4 लाख को 1,000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलती है। ईटी नाउ ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि केंद्र सरकार अब नए श्रम कानूनों के लागू करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रही है। हालांकि, इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। सरकार जल्द ही दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

न्यूनतम पेंशन सीमा

नए श्रम कानूनों को लागू करने के अलावा ईपीएफओ की न्यूनतम पेंशन सीमा को 1000 रुपये से अधिक करने पर भी चर्चा चल रही है। पिछले छह वर्षों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में 6.2 करोड़ सदस्य जुड़े हैं। इसके अलावा, मई 2024 में ईपीएफओ में 19 लाख नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

कितनी दी जाती है पेंशन

लगभग 36 लाख सदस्यों को 1000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है, जबकि 11.7 लाख को 1,001 रुपये से 1,500 रुपये के बीच पेंशन मिलती है। इसके अलावा, लगभग 8,68,000 पेंशनभोगियों को 1,501 रुपये से 2,000 रुपये प्रति माह के बीच पेंशन मिलती है। केवल 26,769 पेंशनर्स ऐसे हैं जिन्हें 5,000 रुपये प्रति माह से अधिक की राशि मिलती है। इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने न्यूनतम पेंशन राशि को दोगुना करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके पीछे बजट में भारी बढ़ोतरी को वजह बताया गया था।

तीन नई योजनाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 3 नई योजनाओं की घोषणा की है। पिछले सप्ताह अपने बजट 2024 भाषण में उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री पैकेज के हिस्से के रूप में 'रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन' के लिए 3 योजनाएं लागू करेगी।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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