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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे आज से शुरू, 45 मिनट में पूरा होगा सफर, कितना लगेगा टोल?

Lucknow Kanpur Expressway Toll: आज से 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे शुरू हो रहा है जो कि उत्तर प्रदेश का पहला बैरियर-फ्री एक्सप्रेस-वे होगा। इस पर कितना टोल लगेगा?

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर कितना टोल लगेगा? Photo-X/nitin_gadkari

लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 14 जुलाई से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। सोमवार सुबह 8 बजे से इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का संचालन शुरू होगा। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उत्तर प्रदेश का पहला बैरियर-फ्री हाईवे है, जहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होंगे।

बिना रुके कटेगा टोल, नहीं मिलेगा टोल प्लाजा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां RFID (फास्टैग) और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों की मदद से चलते-चलते ही टोल शुल्क अपने आप कट जाएगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।

45 मिनट में तय होगी 63 किलोमीटर की दूरी

इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो जाएगा। अभी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) के जरिए लगभग 94 किलोमीटर की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। नए एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे 63 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 35 से 45 मिनट में पूरी हो जाएगी।

1,645 दिनों में तैयार हुआ एक्सप्रेस-वे

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य 5 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था। करीब 1,645 दिनों में इसका निर्माण पूरा किया गया। उद्घाटन समारोह के लिए उन्नाव के झाऊसखेड़ा रेस्ट एरिया में विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां वीआईपी आगमन के लिए तीन हेलिपैड बनाए गए हैं। सुरक्षा, पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंप दी गई है।

कितना देना होगा टोल?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेस-वे की टोल दरें भी तय कर दी हैं। यह टोल मौजूदा NH-27 की तुलना में करीब 26 प्रतिशत अधिक होगा। फिलहाल पुराने कानपुर हाईवे पर कार के लिए एक तरफ का टोल 95 रुपये है, जबकि 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर 145 रुपये का शुल्क देना पड़ता है। नए एक्सप्रेस-वे पर टोल थोड़ा अधिक होगा, लेकिन इसके बदले यात्रियों को कम समय, बेहतर सड़क और बिना रुकावट सफर की सुविधा मिलेगी।

एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं

यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ के अमौसी से शुरू होकर कानपुर के आजाद चौक तक जाएगा। रास्ते में उन्नाव के दतौली, कांथा, तौरा और अमरसास जैसे गांव पड़ेंगे। करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बना यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा, लेकिन सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे माना जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर करीब 46 हजार पेड़ लगाए गए हैं। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के किनारे 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी में लगभग 500 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाने की योजना भी लागू की गई है। इससे उत्पन्न सौर ऊर्जा का उपयोग एक्सप्रेस-वे की लाइटिंग और अन्य संचालन संबंधी सुविधाओं में किया जाएगा।

कई शहरों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

यह एक्सप्रेस-वे आउटर रिंग रोड के जरिए अयोध्या, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, वाराणसी, प्रयागराज, ऊंचाहार और बाराबंकी जैसे शहरों से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन भी अधिक तेज और सुविधाजनक होगा।

उद्घाटन के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन लागू

उद्घाटन समारोह को देखते हुए लखनऊ और कानपुर के बीच कई मार्गों पर अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। कार्यक्रम समाप्त होने तक भारी और व्यावसायिक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल बसों और शव वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। किसी भी तरह की ट्रैफिक समस्या होने पर लोग ट्रैफिक कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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