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LPG संकट के बीच केरोसीन की बिक्री को मंजूरी, पुराना स्टोव इस्तेमाल करते समय ना करें ये गलती

Kerosene Stove Using Guide: ​​ऐसे में केरोसीन तेल एलपीजी का विकल्प बनकर सामने आया है। केरोसीन की बिक्री शुरू होते ही लोगों ने पुराने स्टोव को निकाल लिया है, लेकिन उसे जलाने से पहले कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो बड़े हादसे हो सकते हैं।

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LPG संकट के बीच केरोसीन की बिक्री को मंजूरी, पुराने स्टोव इस्तेमाल करते समय ना करें ये गलती

देश में चल रहे एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए केरोसीन तेल की बिक्री को अस्थायी तौर पर मंजूरी दे दी है। 29 मार्च को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसीन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आम लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए वैकल्पिक ईंधन मिल सके।

ऐसे में केरोसीन तेल एलपीजी का विकल्प बनकर सामने आया है। केरोसीन की बिक्री शुरू होते ही लोगों ने पुराने स्टोव को निकाल लिया है, लेकिन उसे जलाने से पहले कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो बड़े हादसे हो सकते हैं।

21 राज्यों में फिर शुरू होगी केरोसीन सप्लाई

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पीडीएस के तहत केरोसीन उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं, जहां पहले केरोसीन की सप्लाई बंद कर दी गई थी। नए नियमों के तहत हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को केरोसीन स्टॉक और बिक्री की अनुमति दी जाएगी, जहां 5,000 लीटर तक स्टोरेज संभव होगा।

केरोसीन स्टोव इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

यदि आप पुराने केरोसीन स्टोव पर खाना बनाने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है:

  • पहले प्री-हीट करें: स्टोव जलाने से पहले स्पिरिट कप में थोड़ा केरोसीन या मिथाइलेटेड स्पिरिट डालकर बर्नर को गर्म करें।
  • प्रेशर सही बनाएं: बर्नर गर्म होने के बाद ही पंप के जरिए टैंक में दबाव बनाएं, तभी सही लौ मिलेगी।
  • बर्नर साफ रखें: बर्नर के छेद में गंदगी या कालिख जमा होने से पीली लौ और खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पतली पिन से सफाई करते रहें।
  • लीकेज चेक करें: स्टोव इस्तेमाल से पहले टैंक और पाइप में किसी तरह का लीकेज न हो, यह जरूर जांच लें।
  • खुली जगह पर उपयोग करें: हमेशा हवादार जगह पर स्टोव का इस्तेमाल करें, ताकि धुआं और गैस से नुकसान न हो।

कैसे काम करता है केरोसीन प्रेशर स्टोव?

केरोसीन प्रेशर स्टोव एक खास तकनीक पर काम करता है। इसमें पहले टैंक के अंदर हवा का दबाव बनाया जाता है, जिससे केरोसीन गर्म पाइप के जरिए गैस में बदलकर नोजल से बाहर निकलता है। यह गैस हवा के साथ मिलकर जलती है और तेज नीली लौ पैदा करती है, जो बड़े स्तर पर खाना बनाने के लिए उपयुक्त होती है।

कुल मिलाकर देखों तो सरकार का यह फैसला एलपीजी संकट के दौरान राहत देने वाला है, लेकिन केरोसीन स्टोव का इस्तेमाल सावधानी से करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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