Indian Railways Rules: भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सभी डिब्बों में इमरजेंसी अलार्म चेन इंस्टॉल करता है। लेकिन अफसोस हमारे देश में इस इमरजेंसी अलार्म चेन का जितना इस्तेमाल सही काम के लिए होता है, उससे कहीं ज्यादा इसका गलत इस्तेमाल होता है। ट्रेन में लगे इमरजेंसी अलार्म चेन के गलत इस्तेमाल पर काबू पाने के लिए भारतीय रेल ऐसे यात्रियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, जो बिना किसी ठोस कारण के चेन पुलिंग करते हैं। इसी कड़ी में भारतीय रेल के पूर्व मध्य रेलवे ने 7 दिनों में कुल 289 यात्रियों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने बिना किसी जायज वजह के चेन पुलिंग की।
रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत हुई कार्रवाई
पूर्व मध्य रेलवे के सुरक्षा बल बेवजह चेन पुलिंग कर ट्रेनों को जहां-तहां रोकने वाले यात्रियों के खिलाफ ऑपरेशन 'समय पालन' के तहत नियमित कार्रवाई कर रहा है। पूर्व मध्य रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बिना किसी ठोक कारण के चेन पुलिंग करने वाले यात्रियों के खिलाफ 7 दिनों का एक खास ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन में रेलवे ने 289 यात्रियों को हिरासत में लेकर रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई।
बिहार के दानापुर मंडल से पकड़े गए सबसे ज्यादा लोग
रेलवे के मुताबिक सबसे ज्यादा 171 यात्री दानापुर मंडल से पकड़े गए जबकि समस्तीपुर मंडल से 41, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल से 35 यात्री पकड़े गए। इनके अलावा सोनपुर और धनबाद मंडल से 21-21 लोगों को हिरासत में लिया गया। बताते चलें कि चेन पुलिंग करने से उस लाइन से गुजरने वाली सभी ट्रेनें लेट होती हैं, जिससे हजारों यात्रियों को समय बर्बाद होता है। बेवजह चेन पुलिंग से रेलवे को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे बेवजह चेन पुलिंग न करें।
चेन पुलिंग करने पर हो सकती है 1 साल की जेल
रेल अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत अगर कोई यात्री बिना किसी ठोस कारण के चेन पुलिंग करता है तो उसे 1000 रुपये का जुर्माना या 1 साल की सजा हो सकती है। कुछ मामलों में इस अपराध के लिए दोषी को जुर्माना भरने के साथ-साथ 1 साल की जेल भी हो सकती है।
