अगर आप लगभग 10 साल की अवधि के एक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं तो किसान विकास पत्र (KVP) के बारे में जरूर जानना चाहिए। किसान विकास पत्र (KVP) पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में शामिल एक बचत योजना है, जिसमें मैच्योरिटी पर पैसा डबल हो जाता है। अच्छी बात ये है कि केंद्र सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए KVP की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इस अवधि में Kisan Vikas Patra पर पहले की तरह 7.5% सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
कितने समय में होगा पैसा डबल
KVP में निवेश की गई रकम 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने में दोगुनी हो जाती है। इसमें कम से कम 1,000 रुपये और इसके बाद 100 रुपये के गुणकों में निवेश किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश की अधिकतम सीमा नहीं है और एक व्यक्ति एक से ज्यादा KVP खाते खोल सकता है। यह खाता पोस्ट ऑफिस के साथ अधिकृत बैंकों में भी खोला जा सकता है।
क्या खाता बीच में बंद किया जा सकता है?
KVP को सामान्य तौर पर कभी भी अपनी इच्छा से समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता। नियमों के मुताबिक प्रीमैच्योर क्लोजर कुछ विशेष परिस्थितियों में ही संभव है। इनमें खाताधारक की मृत्यु, जमानत के तौर पर रखे गए खाते को अधिकृत प्लेजी द्वारा जब्त किया जाना या कोर्ट का आदेश शामिल है। यानी केवल पैसों की जरूरत पड़ने पर KVP को बीच में बंद कराने की सुविधा नहीं है।
क्या KVP को दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं?
दरअसल, सामान्य रूप से किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा से KVP ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। नियमों में कुछ खास परिस्थितियां तय हैं। खाताधारक की मृत्यु होने पर सिंगल खाते की रकम नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को ट्रांसफर हो सकती है। ज्वाइंट खाते में सभी खाताधारकों की मृत्यु होने पर भी रकम नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को ट्रांसफर की जा सकती है। किसी एक ज्वाइंट खाताधारक की मृत्यु होने पर खाता बचे हुए खाताधारक या खाताधारकों के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है। कोर्ट के आदेश और खाते को सिक्योरिटी के तौर पर प्लेज करने की स्थिति में भी ट्रांसफर का प्रावधान है।
इसके अलावा KVP को सिक्योरिटी के तौर पर कुछ निर्धारित संस्थाओं, जैसे अनुसूचित बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक, सरकारी या निजी कंपनी, स्थानीय प्राधिकरण और पात्र हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के पक्ष में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और फॉर्म का पालन करना होता है।
