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Fuel Demand Growth: फ्यूल की डिमांड में सबसे आगे रहेगा भारत, हर रोज इतने लाख बैरल ईंधन की खपत का अनुमान

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 12, 2024, 04:23 PM IST

Fuel Demand Growth: भारत की कच्चे तेल की मांग 2023 में 54 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) से बढ़कर 2030 तक 67 लाख बीपीडी हो जाने का अनुमान है। यह 3.2 प्रतिशत या 13 लाख बीपीडी की वृद्धि है। भारत में तेल की मांग में वृद्धि मुख्य रूप से तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण है।

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Fuel Demand Growth

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Fuel Demand Growth: इंटरनेशनल ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने बुधवार को कहा कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता भारत इस दशक के उत्तरार्ध में वैश्विक तेल मांग में अग्रणी बन जाएगा। एजेंसी ने 2023 और 2030 के बीच खपत में 13 लाख बैरल की भारी वृद्धि का अनुमान लगाया है। पेरिस मुख्यालय वाली निगरानी एजेंसी ने अपनी ‘ऑयल 2024 रिपोर्ट’ में कहा कि अनुमान है कि 2023 और 2030 के बीच भारत की तेल मांग चीन के अलावा किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक बढ़ेगी।

भारत की कच्चे तेल की मांग 2023 में 54 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) से बढ़कर 2030 तक 67 लाख बीपीडी हो जाने का अनुमान है। यह 3.2 प्रतिशत या 13 लाख बीपीडी की वृद्धि है।

सड़क परिवहन ईंधन

रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य रूप से वैश्विक संदर्भ में 13 लाख बीपीडी से अधिक की वृद्धि में सबसे ज्यादा योगदान सड़क परिवहन ईंधन की बढ़ती मांग का होगा। इसमें पेट्रोरसायन फीडस्टॉक्स का अपेक्षाकृत कम योगदान होगा और अंतर्निहित वृद्धि स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की तैनाती से काफी आगे निकल जाएगी।

चरम पर पहुंच जाएगी तेल की मांग

इसमें कहा गया, 2025 और 2030 के बीच भारत की तेल मांग में नौ लाख बीपीडी की वृद्धि होगी, जो चीन की 5.7 लाख बीपीडी की मांग वृद्धि से काफी अधिक है। विश्व के लिए, आईईए ने पूर्वानुमान लगाया है कि तेल की मांग 2029 तक चरम पर पहुंच जाएगी तथा उससे अगले वर्ष इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी।

भारत में तेल की मांग में वृद्धि मुख्य रूप से तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण है। भारत 2024 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।

इनपुट-भाषा

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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