धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। जोशी फिलहाल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भी संभाल रहे हैं।
इसके अलावा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि भाजपा के लिए पद से कहीं अधिक बड़ा देश, युवा पीढ़ी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त
इस्तीफे के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (Cockroach Janata Party) ने ऐलान किया कि सरकार द्वारा प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा धरना समाप्त किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र और युवाओं की एक महत्वपूर्ण जीत बताया।
पीएम मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा: प्रह्लाद जोशी
इसके अलावा, नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को कहा कि वे इस कर्तव्य को पूरी विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। पदभार ग्रहण करने के बाद जोशी ने कहा, प्रधानमंत्री ने मुझ पर भरोसा जताया है और मुझे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। मैं पूरी विनम्रता और दृढ़ जिम्मेदारी की भावना के साथ इस कर्तव्य को पूरा करूंगा।
इस्तीफा देते हुए क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
शनिवार सुबह अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों के हित में और यह सुनिश्चित करने के लिए कि परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों का राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग न हो, इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। एक्स पर साझा किए गए एक पत्र में प्रधान ने कहा, जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उसका राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। देश की एकता बरकरार रहनी चाहिए। भारत में प्रत्येक छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में नहीं उलझना चाहिए। उन्होंने कहा, इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
