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किराएदार या हाउसहेल्प का आधार असली है या नकली? मिनटों में ऐसे पकड़ें सच, वो भी बिल्कुल फ्री

यूपी एटीएस की जांच में हाल ही में पता चला कि फर्जी आधार बनाने का नेटवर्क यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हरियाणा तक फैला है। बिहार के बांका जिले से भी फर्जी आधार बनाने का मामला सामने आया था। ऐसे में सतर्क रहना और आधार नंबर की जांच करना बेहद जरूरी है। यहां हम तरीका बता रहे हैं।

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UIDAI का mAadhaar ऐप डाउनलोड करके भी आधार नंबर वेरिफाई किया जा सकता है। (Image: Shutterstock)

Aadhaar verification online: आधार कार्ड देशभर में पहचान पत्र के रूप में मान्य है, लेकिन हर 12 अंकों का नंबर आधार नहीं होता। हाल ही में यूपी एटीएस ने आधार कार्ड फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क पकड़ा है, जहां नकली आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। ऐसे में यदि आप किसी को किराएदार रख रहे हैं या घरेलू काम के लिए रख रहे हैं, तो उनका आधार वेरिफाई करना बेहद जरूरी हो जाता है। यहां हम आपको एक आसान और फ्री तरीका बता रहे हैं जिससे आप मिनटों में पता कर पाएंगे कि आधार अलसी है या नकली। चलिए जानते हैं।

क्यों जरूरी है आधार वेरिफिकेशन

फर्जी आधार कार्ड के जरिए कोई भी गलत इरादे वाला व्यक्ति खुद को असली साबित कर सकता है। हालांकि UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि दिया गया आधार नंबर असली और एक्टिव है या नहीं।

UIDAI वेबसाइट पर ऐसे करें आधार वेरिफाई

  • सबसे पहले uidai.gov.in वेबसाइट पर जाएं और भाषा चुनाव करें।
  • "My Aadhaar" सेक्शन में "Aadhaar Services" के अंदर "Verify Aadhaar Number" ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • यहां 12 अंकों का आधार नंबर और सुरक्षा कोड डालकर "Verify" पर क्लिक करें।
  • अगर आधार असली है और एक्टिव है, तो उसकी स्थिति स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।
  • इससे आपको पता चल जाएगा कि आपको दिया गया आधार वास्तव में आधार है या नहीं।

mAadhaar ऐप और QR कोड से भी कर सकते हैं जांच

  • UIDAI का mAadhaar ऐप डाउनलोड करके भी आधार नंबर वेरिफाई किया जा सकता है। ऐप में "Aadhaar Verify" और "QR Code Scanner" दो विकल्प मिलते हैं।
  • किसी आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड स्कैन करने से तुरंत पता चल जाएगा कि आधार नंबर असली है या नहीं। इसके लिए आप Aadhaar QR Scanner ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

देशभर में पकड़े जा रहे फर्जी आधार रैकेट

यूपी एटीएस की जांच में हाल ही में पता चला कि फर्जी आधार बनाने का नेटवर्क यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हरियाणा तक फैला है। बिहार के बांका जिले से भी फर्जी आधार बनाने का मामला सामने आया था। ऐसे में सतर्क रहना और आधार नंबर की जांच करना बेहद जरूरी है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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