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EPFO New Rules July 2026 : 3 दिन में क्लेम सेटलमेंट, देरी पर 12% ब्याज; कुल 5 बड़े बदलाव

EPFO नियमों में कई बड़े बदलाव हुए हैं। सबसे बड़ा बदलाव क्लेम सेटलमेंट की टाइमलाइन को लेकर किया गया है। अब क्लेम सेटलमेंट 3 दिन में होगा। वहीं, तय समय से ज्यादा देरी पर 12% ब्याज भी मिलेगा।

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योजना में हुए कई बड़े बदलाव

EPFO New Rules July 2026 : श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से जुड़े कई अहम बदलाव किए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत EPFO से जुड़ी 3 योजनाओं में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मकसद कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा से जुड़े काम आसान बनाना और जवाबदेह तय करना है।

केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने Employees' Provident Funds Scheme, 2026, Employees' Pension Scheme, 2026 और Employees' Deposit-Linked Insurance (EDLI) Scheme, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इन नई योजनाओं का सबसे बड़ा उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना और कर्मचारियों के क्लेम का समय पर निपटान सुनिश्चित करना है। ये तीनों पुरानी योजनाओं (1952, 1995, 1976) को Code on Social Security, 2020 को पूरी तरह बदल रही हैं।

क्या बड़े बदलाव हुए?

नई EPFO योजनाओं के तहत मोटे तौर पर 8 बड़े बदलाव किए गए हैं, जो सदस्यों की सुविधा, तेजी और जवाबदेही पर केंद्रित हैं। सबसे बड़ा बदलाव 3 दिन में PF क्लेम सेटलमेंट को लेकर किया गया है। अब विधिवत तरीके से भरकर दिए गए पीएफ विड्रॉल आवेदन को 3 कार्य दिवसों के भीतर सेटल करना होगा। इसके अलावा पेंशन और EDLI से जुड़े क्लेम के लिए अब 20 दिन की डेडलाइन तय की गई है।

देरी पर 12% तक ब्याज की सजा

पेंशन और EDLI से जुड़े क्लेम के लिए अब 20 दिन की डेडलाइन तय की गई है। अगर क्लेम सेटलमेंट के दस्तावेज पूरे हैं और कमिश्नर की तरफ से बिना वजह के देरी होती है, तो इस तरह के मामलों में दावा करने वाले को उसकी तरफ से विड्राल के लिए मांगी गई रकम पर 12% सालाना ब्याज मिलेगा, जो अधिकारी के वेतन से काटा जाएगा। पहले यह EPF ब्याज दर से लिंक था।

विड्रॉल नियमों का सरलीकरण

नए नियमों के तहत पीएफ से पैसा निकालने की कैटेगरी की संख्या को 13 से घटाकर 3 कर दिया गया है। अब बीमारी, शिक्षा और शादी के लिए पीएफ से निकासी की जा सकती है। इसके साथ ही कई मामलों में मिनिमम सर्विस की शर्त में भी ढील दी है, इसे 7 साल से घटकर 12 महीने कर दिया गया है।

बेरोजगारी पर कितनी निकासी?

EPFO के नए नियमों के तहत नौकरी छूटते ही PF बैलेंस का 75% तक निकालने की सुविधा मिलेगी। इस 75% में आपका, आपकी कंपनी का और ब्याज का तीनों का हिस्सा शामिल होगा। इसके साथ ही EPFO ने यह भी साफ किया है कि नौकरी चली जाने के 3 साल बाद PF की रकम पर ब्याज मिलना बंद नहीं होता है। बल्कि, 58 वर्ष की उम्र पूरी होने तक ब्याज मिलता रहता है।

पूर्ण निकासी को लेकर क्या बदला?

PF से पूरी रकम निकालने को लेकर नए नियमों में कुछ सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। मसलन, 55 वर्ष की आयु पर, VRS, डिसएबिलिटी, रिट्रेचमेंट या विदेश में बस जाने की स्थिति पर असानी से पीएफ की पूरी रकम निकाली जा सकती है।

ऑटो सेटलमेंट लिमिट कितनी बढ़ाई?

EPFO के नए नियमों के तहत ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले सिर्फ 1 लाख रुपये तक की रकम तक के क्लेम ऑटो सेटलमेंट के रूट से चलते हैं। लेकिन, अब इस लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है। इसकी वजह से अब ज्यादातर क्लेम बिना मैनुअल इंटरवेंशन के तेजी से पूरे हो पाएंगे।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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