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Holi Colors Purity: होली पर हर्बल रंगों के नाम पर खा न जाएं धोखा, जानें- कैसे परखें होली के असली नकली रंग

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Feb 22, 2023, 05:06 PM IST

Holi Colors Check Real or Fake: रंगों का त्योहार होली महज कुछ ही दिनों में आने वाला है। लेकिन होली पर लगाने वाल रंग बाजार में नकली या फिर मिलावटी मिलता है। नकली या फिर मिलावटी रंग लगाने से हमारी स्किन पर भी खराब असर पड़ता है। साथ ही नकली या मिलावटी रंग से हम बीमार भी पड़ सकते हैं, या हमारी आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है। आम आदमी आसानी से असली रंग की पहचान नहीं कर पाता है।

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Holi Colors Purity

Photo : iStock

Holi Colors Check Real or Fake: आज के इस दौर में मिलावट या नकली चीजों की जमकर भरमार है। बाजार में इन दिनों कई सारी ऐसी चीजें हैं, जो मिलावटी या फिर नकली बिक रही है। रंगों का त्योहार होली (Holi) महज कुछ ही दिनों में आने वाला है। लेकिन होली पर लगाने वाल रंग बाजार में नकली या फिर मिलावटी मिलता है। नकली या फिर मिलावटी रंग लगाने से हमारी स्किन पर भी खराब असर पड़ता है।

साथ ही नकली या मिलावटी रंग से हम बीमार भी पड़ सकते हैं, या हमारी आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है। आम आदमी आसानी से असली रंग की पहचान नहीं कर पाता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि असली और नकली रंग की पहचान कैसे करें। इसी को लेकर आज हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से अब आप आसानी से असली और नकली रंग की पहचान कर पाएंगे।

खुद इन तरीकों से करें असली-नकली होली के रंगों की पहचान:-

  • होली के रंग के असली या नकली की पहचान आप पानी की मदद से कर सकते हैं। सबसे पहले आपको थोड़ा सा रंग लेकर उसे पानी में घोल कर देखना होगा। अगर रंग पानी में नहीं घुलता तो इसका मतलब साफ है कि उसमें केमिकल मिला हुआ है और ये रंग नकली है।
  • होली के रंग की पहचान उसकी चमक से भी कर सकते हैं। दरअसल होली के नेचुरल रंग में चमक नहीं होती है।
  • होली के रंग की पहचान आप उसकी गंध से भी कर सकते हैं। आप जब भी होली का रंग खरीदें तब विशेष ध्यान दें कि रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही। अगर होली के रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध मिले तो जान लीजिए कि वह रंग नकली है।

हमें उम्मीद है कि हमारी ओर से ऊपर बताए गए तरीकों से अब आप आसानी से असली और नकली होली के रंगों की पहचान कर पाएंगे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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