पानी की टंकी की नियमित सफाई न होने से उसमें धीरे-धीरे धूल-मिट्टी, काई (Algae) और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। कई बार टंकी का ढक्कन ढीला होने या खुला रह जाने के कारण उसमें कीड़े-मकोड़े या छोटे पक्षी भी गिर जाते हैं, जिससे पानी पूरी तरह जहरीला और दूषित हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और क्लीनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर की पानी की टंकी को हर 3 से 6 महीने में कम से कम एक बार जरूर साफ करना चाहिए। अगर आपके इलाके में सप्लाई का पानी बहुत ज्यादा खारा है या उसमें मिट्टी और टीडीएस (TDS) की मात्रा अधिक है, तो आपको हर 3 महीने में इसकी सफाई करानी चाहिए। वहीं, अगर पानी साफ आता है, तो भी 6 महीने से ज्यादा देर नहीं करनी चाहिए क्योंकि लंबे समय तक पानी जमा रहने से टंकी की दीवारों पर बैक्टीरिया की एक अदृश्य परत बन जाती है।
क्यों जरुरी है टंकी की सफाई?
टंकी की समय पर सफाई न करने से परिवार के सदस्यों को कई तरह की गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। दूषित पानी के संपर्क में आने से त्वचा में खुजली, रैशेज और बालों के झड़ने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इसके अलावा, अगर इसी पानी का इस्तेमाल अनजाने में खाना बनाने या सब्जियां धोने में कर लिया जाए, तो पेट में इंफेक्शन, डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी पेट से जुड़ी खतरनाक बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए वे इस दूषित पानी का शिकार सबसे पहले बनते हैं। इसलिए, सेहतमंद रहने के लिए टंकी की स्वच्छता को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
कैसे करें टंकी की सफाई?
सबसे पहले टंकी का पूरा पानी खाली कर दें। इसके बाद, टंकी की अंदरूनी दीवारों पर जमी काई और ब्लीचिंग पाउडर या बेकिंग सोडा के गाढ़े घोल को लगाकर करीब 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद एक कड़े ब्रश की मदद से दीवारों और तली को रगड़कर साफ करें। आजकल बाजार में हाई-प्रेशर वॉटर जेट मशीनें भी आती हैं, जो बिना ज्यादा मेहनत के कोने-कोने की गंदगी को निकाल देती हैं। जब सारी गंदगी छूट जाए, तो टंकी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और गंदे पानी को पूरी तरह बाहर निकाल दें। ध्यान रहे कि सफाई के बाद टंकी को दोबारा भरने से पहले उसे थोड़ी देर सूखने दें।
