यूटिलिटी

विदेश में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा आधार का फायदा, UIDAI की बड़ी तैयारी

आधार को अंतरराष्ट्रीय बनाने पर अब खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग डिजिटल पहचान प्रणालियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी की व्यवस्था विकसित करने पर काम चल रहा है, ताकि भविष्य में आधार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल आसान हो सके। फिलहाल यह काम शुरुआती संकल्पना के स्तर पर है।

Image

NRI और OCI के लिए भी आधार का रास्ता होगा आसान

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) अब आधार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। UIDAI के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सौरभ विजय ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्राधिकरण आधार को वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रहा है। इसका फायदा खास तौर पर प्रवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (OCI) को मिल सकता है।

आधार के लिए तैयार हो रहा अंतरराष्ट्रीय ढांचा

PTI/भाषा के मुताबिक सौरभ विजय ने वित्तीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में एक परिचर्चा के दौरान कहा कि UIDAI की महत्वाकांक्षा आधार के बुनियादी ढांचे को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ डिजिटल पहचान प्रणालियों में शामिल करना है। इसके लिए अलग-अलग देशों और प्रणालियों के बीच तालमेल स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आधार को अंतरराष्ट्रीय बनाने पर अब खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग डिजिटल पहचान प्रणालियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी की व्यवस्था विकसित करने पर काम चल रहा है, ताकि भविष्य में आधार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल आसान हो सके। फिलहाल यह काम शुरुआती संकल्पना के स्तर पर है।

NRI और OCI के लिए भी आधार का रास्ता होगा आसान

UIDAI के सीईओ ने बताया कि आधार के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए कानूनी ढांचे पर भी काम किया जा रहा है। इसके साथ ही OCI कार्डधारकों के लिए आधार उपलब्ध कराने से जुड़ी नीतियां तैयार की जा रही हैं। इसका मकसद निवेश और अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना भी है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो विदेशों में रहने वाले भारतीयों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के लिए पहचान और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं।

छोटे कारोबारियों के KYC को आसान करने की तैयारी

UIDAI छोटे व्यापारियों के लिए भी आधार आधारित KYC को आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। सौरभ विजय के मुताबिक, प्राधिकरण छोटे व्यापारियों को KYC के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा देने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधार प्रमाणीकरण के जरिए डिजिटल KYC ने ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे UIDAI के साझेदारों के लिए KYC पूरा करने में लगने वाला समय भी कम हुआ है।

‘आधार लाइट’ पर भी काम

UIDAI इस पूरी प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए ‘आधार लाइट’ जैसे नए उत्पादों पर भी काम कर रहा है। प्राधिकरण जल्द ही इससे जुड़े दिशानिर्देश जारी कर सकता है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान तीन नए उत्पाद पेश किए हैं। UIDAI के मुताबिक, इनमें से कुछ उत्पादों में भविष्य में अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावना हो सकती है। UIDAI डिजिटल वित्तीय लेनदेन के प्रमाणीकरण से जुड़े मामलों में NPCI के साथ मिलकर काम करता है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article