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मोहम्मद सिराज को मिली राहत, कहा- श्रीलंका में लय नहीं बन पा रही थी, दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने से फायदा हुआ

Mohammed Siraj On His Form: टीम इंडिया के अनुभवी पेसर मोहम्मद सिराज ने बताया है कि श्रीलंका दौरे पर वो लय हासिल करने में सफल नहीं हो पा रहे थे, लेकिन आराम मिलने के बाद जब दलीप ट्रॉफी में खेलने लौटे तो यहां लंबे स्पेल डालने से उनको लय वापस हासिल करने में मदद मिली।

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मोहम्मद सिराज

Photo : AP

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने स्वीकार किया कि दो महीने के विश्राम के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे में अपनी गति और लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा था लेकिन दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने से उन्हें अपनी लय हासिल करने में मदद मिली है। सिराज श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के दौरान अपनी पुरानी फॉर्म में नहीं दिखे। वह लय हासिल नहीं कर पा रहे थे और उनकी गति भी काफी कम हो गई थी। सिराज ने इस श्रृंखला की चार पारियों में केवल 44 ओवर किए थे।

सिराज ने दलीप ट्राफी फाइनल के बाद पत्रकारों से कहा, "दो महीने के ब्रेक के बाद सीधे मैच खेलना आसान नहीं था। मैं पूरी तरह से लय हासिल नहीं कर पाया था। मैं ऐसा गेंदबाज हूं जो पूरी तरह से लय पर निर्भर है। अगर मैं लय में नहीं हूं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकता। श्रीलंका में यही मेरी समस्या थी। मैं अपने रनअप से तालमेल नहीं बिठा पा रहा था। मेरे कुछ कदम बहुत छोटे थे, कुछ बहुत लंबे। इससे मेरी लय टूट गई और मेरी गति धीमी हो गई।"

अफगानिस्तान के खिलाफ आठ जून को समाप्त हुए एकमात्र टेस्ट मैच के बाद 32 वर्षीय सिराज ने दो महीने का ब्रेक लिया और फिर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टीम में शामिल हुए। इस दौरे की शुरुआत सात अगस्त को एसएलसी एकादश के खिलाफ मैच से हुई। सिराज ने हालांकि पूर्व क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र के बीच खेले गए दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 41 ओवर किए और इस दौरान अपनी लय हासिल की।

उन्होंने कहा, "यहां सब कुछ सही हो गया है और मैं अपनी पुरानी गति से गेंदबाजी करने लग गया हूं। यह बहुत मुश्किल था। हम सीधे श्रीलंका से आए थे, जहां हमने दूसरे टेस्ट (कोलंबो में) में तीन दिन से अधिक समय तक फील्डिंग की थी। इसके बाद हमें एक सप्ताह के अंदर चेन्नई की भीषण गर्मी में खेलना पड़ा।"

सिराज ने कहा, "लेकिन मेरे लिए यह जुनून पर निर्भर करता है। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आप बहाने नहीं बना सकते। आपको अपनी टीम और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा।" दलीप ट्रॉफी के फाइनल की पहली पारी में सिराज की पूर्वी क्षेत्र के बल्लेबाजों ने जमकर धुनाई की। सिराज ने 25 ओवरों में 140 रन लुटाए और उन्हें विकेट लेने के लिए दूसरी पारी तक इंतजार करना पड़ा। सिराज हालांकि इससे चिंतित नहीं हैं।"

उन्होंने कहा, "भले ही आज मुझे विकेट न मिले हों, लेकिन मेरी यह मेहनत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंग लाएगी। मैं अपनी लय हासिल करने के लिए ही इस मैच में खेला। इससे मुझे काफी फायदा मिला है। इस मैच को खेलने से मेरा शरीर फिर से सक्रिय हो गया और मैंने लय हासिल कर ली है।"

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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