भारत में डिजिटल पेमेंट को और आसान और सुरक्षित बनाने के लिए UPI में दो नए फीचर लॉन्च किए गए हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 10 सितंबर को UPI ‘Tap and Pay’ और AI आधारित ‘MyUPI’ फीचर पेश किए। इन दोनों फीचर्स को NPCI ने तैयार किया है। इसका मकसद पेमेंट के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करना, कस्टमर सपोर्ट बेहतर करना और यूजर्स को अपने UPI ट्रांजैक्शन पर ज्यादा कंट्रोल देना है।
UPI इस समय देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म है और देश में होने वाले करीब 89 फीसदी डिजिटल ट्रांजैक्शन UPI के जरिए होते हैं। नए फीचर्स के जरिए अब NPCI पेमेंट सिस्टम को सिर्फ पैसे भेजने और लेने तक सीमित रखने के बजाय इसे ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब कार्ड की तरह फोन टैप करके करें UPI पेमेंट
पहला फीचर UPI Tap and Pay है। इसके जरिए यूजर्स NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को NFC-enabled POS मशीन पर टैप करके पेमेंट कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए फोन में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी नहीं होगा। POS मशीन के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए किया जा सकता है। यह फीचर काफी हद तक कार्ड से कॉन्टैक्टलेस पेमेंट करने जैसा काम करेगा। यूजर को NFC सपोर्ट वाले फोन को अनलॉक करके POS टर्मिनल पर टैप करना होगा।
5,000 रुपये तक बिना UPI PIN के पेमेंट
Tap and Pay फीचर में 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिना UPI PIN के किए जा सकेंगे। अगर पेमेंट की रकम 5,000 रुपये से ज्यादा है, तो POS टर्मिनल पर UPI PIN डालना होगा। इस फीचर में UPI से जुड़े अलग-अलग अकाउंट टाइप का सपोर्ट मिलेगा। इसमें UPI से लिंक RuPay क्रेडिट कार्ड भी शामिल हैं। इस तरह UPI Tap and Pay ऑफलाइन दुकानों और POS मशीनों पर कार्ड पेमेंट का एक आसान विकल्प बन सकता है।
UPI में AI की एंट्री, अब MyUPI करेगा मदद
दूसरा बड़ा फीचर MyUPI है, जिसे AI आधारित कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया गया है। यह NPCI के Small Language Model FiMI पर आधारित है। इसका उद्देश्य UPI यूजर्स को अलग-अलग बैंक और UPI ऐप्स के बीच भटकने के बजाय एक जगह पर जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। MyUPI के जरिए यूजर्स अपने UPI ट्रांजैक्शन और AutoPay mandates को एक ही जगह देख सकेंगे। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म में सुरक्षा और पेमेंट कंट्रोल से जुड़े कई फीचर्स भी दिए गए हैं।
संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए Safety Switch
MyUPI में Safety Switch फीचर दिया गया है। अगर यूजर को लगता है कि उसका UPI अकाउंट या पेमेंट सिस्टम किसी तरह से प्रभावित या कॉम्प्रोमाइज हो गया है, तो वह UPI डेबिट ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए रिक्वेस्ट कर सकेगा।
इसके अलावा UPI Number Delink फीचर के जरिए यूजर अपना मोबाइल नंबर UPI पेमेंट रिसीव करने से अलग कर सकेगा। पेमेंट करने से पहले बेनिफिशियरी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी दिखाई जाएगी, जिससे गलत व्यक्ति को पैसे भेजने का जोखिम कम हो सकता है।
पुराना पेमेंट दोबारा करना भी होगा आसान
MyUPI में Transaction Replay नाम का फीचर भी मिलेगा। इसके जरिए यूजर पहले किए गए किसी ट्रांजैक्शन को दोबारा याद कर उसे फिर से करने में सक्षम होगा। खास बात यह है कि इसे किसी भी UPI ऐप के जरिए किया जा सकेगा।
इसके अलावा पात्र ट्रांजैक्शन के लिए ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रोसेसिंग की सुविधा भी दी जाएगी। NPCI के मुताबिक MyUPI सिर्फ एक सामान्य कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि इसे UPI के लिए एक ट्रस्ट और कंट्रोल लेयर के तौर पर तैयार किया गया है।
24x7 और मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट मिलेगा
MyUPI यूजर्स को 24x7 मल्टीलिंगुअल सपोर्ट और सेल्फ-सर्विस सुविधाएं देगा। इससे बैंक और UPI ऐप्स के लिए ग्राहकों की समस्याओं को तेजी से हल करना आसान होगा। NPCI के मुताबिक UPI का अगला चरण सिर्फ तेज पेमेंट तक सीमित नहीं रहेगा। अब फोकस पेमेंट के समय होने वाली परेशानी कम करने के साथ-साथ AI, सुरक्षा और यूजर कंट्रोल को मजबूत करने पर है। Tap and Pay जहां POS पेमेंट को कार्ड जैसा आसान बनाने की कोशिश है, वहीं MyUPI UPI यूजर्स को एक जगह से ट्रांजैक्शन मैनेज करने और समस्याओं का समाधान पाने की सुविधा देगा।
