यूटिलिटी

SMS Alert: HDFC बैंक अब नहीं भेजेगा ऐसे SMS, लगातार बढ़ रही थी लागत

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 26, 2024, 05:28 PM IST

HDFC Bank SMS Alert: एनपीसीआई के अनुसार, 2023 में यूपीआई लेनदेन 100 बिलियन का आंकड़ा पार कर जाएगा। यूपीआई लेनदेन की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैंक प्रतिदिन कुछ करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो औसतन प्रतिदिन लगभग 40 करोड़ रुपये है। पेमेंट ऐप भी ट्रांजेक्शन का नोटिफिकेशन भेजते हैं।

Image

HDFC Bank To Stop SMS Alerts

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • बड़ी संख्या में SMS अलर्ट भेजने की लागत बढ़ती जा रही है।
  • UPI पेमेंट ऐप भी ट्रांजेक्शन का नोटिफिकेशन भेजते हैं।
  • लगातार छोटे ट्रांजेक्शन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

HDFC Bank SMS Alert: देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने मैसेज से जुड़े बदलाव को लागू कर दिया है। बैंक ने 25 जून से 100 रुपये से कम के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर SMS अलर्ट देना बंद कर दिया है। मतलब यह कि ग्राहकों को अब 100 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर ही SMS अलर्ट मिलेगा। इसके अलावा 500 रुपये तक के क्रेडिट का भी नोटिफिकेशन नहीं मिलेगा। हालांकि, सभी ट्रांजेक्शन के लिए ईमेल अलर्ट बैंक अपने ग्राहकों को भेजता रहेगा।

दरअसल, बैंक ने इस बदलाव को इसलिए लागू किया है, क्योंकि ग्राहकों की एक प्रतिक्रिया में कहा गया था कि कम वैल्यू के लेन-देन के लिए अलर्ट अनावश्यक थे, खासकर तब जब UPI पेमेंट ऐप भी नोटिफिकेशन भेजते हैं।

SMS का खर्च बढ़ रहा

बड़ी संख्या में SMS अलर्ट भेजने की लागत बढ़ती जा रही है। साथ ही यूपीआई लेनदेन की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैंक प्रतिदिन कुछ करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो औसतन प्रतिदिन लगभग 40 करोड़ रुपये है। एचडीएफसी बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सभी लेनदेन की सूचना प्राप्त करने के लिए अपने प्राथमिक ईमेल एड्रेस को अपडेट रखें। यूपीआई लेनदेन का औसत मूल्य घट रहा है, जिससे लगातार छोटे ट्रांजेक्शन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

बढ़ रहा यूपीआई ट्रांजेक्शन

एनपीसीआई के अनुसार, 2023 में यूपीआई लेनदेन 100 बिलियन का आंकड़ा पार कर जाएगा, जो साल के अंत तक लगभग 118 बिलियन तक पहुंच जाएगा। बैंक 500 रुपये तक के लेनदेन के लिए यूपीआई लाइट को भी बढ़ावा दे रहे हैं। यह सुविधा ऐप के भीतर एक छोटी राशि अलग रखने की अनुमति देती है, जिससे सेकेंड फैक्टर ऑथेंटिकेशन की जरूरत के बिना तुरंत पेमेंट करना संभव है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

और पढ़ें
End of Article