AC खरीदते समय 5-Star रेटिंग देखकर ज्यादातर लोगों को लगता है कि अब बिजली का बिल अपने आप कम हो जाएगा, लेकिन अगर आपके घर में भी नया 5-Star AC लगा है और इसके बावजूद बिजली का बिल उम्मीद से ज्यादा आ रहा है, तो जरूरी नहीं कि AC खराब हो या कंपनी ने गलत दावा किया हो। असली वजह कहीं और भी हो सकती है।
दरअसल, 5-Star AC कम बिजली खपत करने में ज्यादा efficient होता है, लेकिन यह बिजली की खपत को खत्म नहीं करता। AC कितने घंटे चल रहा है, किस तापमान पर चल रहा है, कमरे के हिसाब से उसकी capacity सही है या नहीं और उसकी मेंटेनेंस कैसी है, इन सभी चीजों का असर आपके बिजली बिल पर पड़ता है।
5-Star का मतलब आखिर क्या है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि AC पर लिखा 5-Star आखिर बताता क्या है। Bureau of Energy Efficiency यानी BEE की स्टार रेटिंग अप्लायंस की एनर्जी दक्षता को दर्शाती है। AC के मामले में एनर्जी परफॉरमेंस को ISEER जैसे पैरामीटर के आधार पर रेट किया जाता है। 5-Star AC कम स्टार वाले मॉडल की तुलना में बेहतर एनर्जी एफिसिएंसी देने के लिए डिजाइन किया जाता है।
लेकिन यहां एक गलतफहमी हो जाती है। 5-Star का मतलब “कम बिजली वाला AC” नहीं, बल्कि “ज्यादा एफिसिएंट AC” है। अगर आप ऐसे AC को रोज 10-12 घंटे चलाएंगे, तो उसकी कुल बिजली खपत फिर भी काफी हो सकती है।
सबसे बड़ी गलती: AC को 16-18 डिग्री पर चलाना
अगर आप भी AC ऑन करते ही तापमान 16 या 18 डिग्री कर देते हैं, तो यहीं से बिजली बचाने की कोशिश को झटका लग सकता है। बहुत से लोगों को लगता है कि 16°C पर AC चलाने से कमरा जल्दी ठंडा होगा, लेकिन AC की कूलिंग कैपेसिटी की अपनी सीमा होती है। टेंपरेचर को बहुत नीचे सेट करने का मतलब यह नहीं कि कमरा उसी अनुपात में तेजी से ठंडा हो जाएगा। इसके बजाय आरामदायक तापमान पर AC चलाना ज्यादा व्यावहारिक है। खासकर जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा न हो, तो 24-26°C के आसपास की सेटिंग कई लोगों के लिए पर्याप्त आराम दे सकती है।
सिर्फ 5-Star देखकर AC मत खरीदिए
AC खरीदते समय एक और गलती होती है लोग सिर्फ स्टार रेटिंग देखते हैं और बाकी जानकारी छोड़ देते हैं। BEE के एनर्जी लेबल पर। AC की एनर्जी परफॉरमेंस से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसलिए खरीदारी के समय केवल “5-Star” देखकर फैसला करने के बजाय एनुअल एनर्जी कंजप्शन और ISEER जैसी जानकारी भी देखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि दो अलग-अलग 5-Star AC की बिजली खपत बिल्कुल समान हो, यह जरूरी नहीं है। उनका कैपेसिटी, एफिसिएंसी और डिजाइन अलग हो सकता है।
