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Calculation Of Gratuity: क्या होती है ग्रेच्युटी, इसके कैलकुलेशन का गणित भी समझ लीजिये

जब भी कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ता है तो PF और पेंशन के साथ ही उसे ग्रेच्युटी भी दी जाती है। हालांकि प्रोविडेंट फंड के बारे में अब लोग जागरूक हो चुके हैं, लेकिन अभी भी बहुत से लोगों को ग्रेच्युटी के बारे में नहीं पता है। इसे लेकर लोगों के मन में बहुत से सवाल होते हैं। आज हम आपके इन सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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क्या होती है ग्रेच्युटी, इसके कैलकुलेशन का गणित भी समझ लीजिये

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Gratuity Calculation: जब भी हम नौकरी की शुरुआत करते हैं या नौकरी छोड़ते हैं तो हमें PF, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी टर्म के बारे में सुनने को मिलता है। अगर आप अपना सैलरी कटऑफ देखेंगे तो उसमें भी आपको यह जानकारी मिल ही जायेगी कि आपका PF और ग्रेच्युटी कितनी कटती है। जहां एक तरफ PF को लेकर अब ज्यादातर लोग जागरूक हो चुके हैं और इसके बारे में लोगों को पता है, वहीं ग्रेच्युटी को लेकर लोग अभी भी कन्फ्यूज हैं। ग्रेच्युटी क्या होती है, यह किसे मिलती है, सैलरी में से ग्रेच्युटी कितनी कटती है, ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अधिकतर लोगों को नहीं पता होते। आइये आपको इन सवालों के जवाब देने की कोशिश करते हैं।

क्या होती है ग्रेच्युटी, किसे मिलती है?

ग्रेच्युटी को आप एक गिफ्ट समझ सकते हैं। जब भी आप किसी कंपनी के लिए काम करते हैं तो एक निश्चित वक्त तक आपकी सेवाओं के बदले में आपको जो गिफ्ट दिया जाता है, उसे ग्रेच्युटी कहते हैं। नौकरी छोड़ने या फिर रिटायर होने पर ही ग्रेच्युटी दी जाती है। कोई भी व्यक्ति जो किसी कंपनी के लिए 4 साल 10 महीने 11 दिन काम कर चुका है, वह उस कंपनी से ग्रेच्युटी प्राप्त करने का आधिकारी होता है। इस अवधि को कर्मचारी की 5 साल की सेवा माना जाता है और इसीलिए 5 साल की सेवा के बदले गिफ्ट के रूप में ग्रेच्युटी दी जाती है।

ग्रेच्युटी का गणित समझें

आइये अब आपको ग्रेच्युटी के कैलकुलेशन का गणित समझाते हैं। पांच साल से कम अवधि की सेवा पर ग्रेच्युटी नहीं दी जाती है। ग्रेच्युटी की कैलकुलेशन का फॉर्म्युला बेहद आसान है। आपके सेवाकाल के आखिरी महीने की बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता (अगर महंगाई भत्ता न मिलता हो तो सिर्फ बेसिक सैलरी) को 15 से मल्टीप्लाई किया जाता है। इसके बाद इस रकम को आपके सेवाकाल के साल से मल्टीप्लाई करते हैं और फिर 26 से डिवाइड किया जाता है।

उदाहरण से समझिये

उदाहरण के लिए मान लीजिये आपने 5 साल किसी कंपनी में काम किया और आपकी बेसिक सैलरी 20,000 रुपये और महंगाई भत्ता 10,000 रुपये है। इस तरह 30,000 (20,000 बेसिक सैलरी+10,000 महंगाई भत्ता) को 15 से मल्टीप्लाई करने पर आपको 4,50,000 की संख्या मिलेगी। अब इस संख्या को अपने सेवाकाल के समय (यहां 5 साल) से मल्टीप्लाई करें जिसके बाद आपको 22,50,000 की संख्या मिलेगी। अब इस संख्या को 26 से डिवाइड कर लें, जिसके बाद आपको 86,538.46 रुपये की रकम मिलेगी और यही आपकी ग्रेच्युटी है।

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Pawan Mishra author

पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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