ईरान में चल रहे युद्ध के कारण दुनियाभर में LPG की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है, खासकर प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों पर। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
राज्यों को 5 किलो सिलेंडर का आवंटन दोगुना
भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए जाने वाले 5 किलो LPG सिलेंडर (छोटू) का दैनिक आवंटन दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रवासी मजदूरों को सस्ती और आसान रसोई गैस उपलब्ध कराना है।
‘छोटू’ सिलेंडर क्यों है खास?
5 किलो का फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर, जिसे ‘छोटू’ कहा जाता है, खासतौर पर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए लॉन्च किया गया था। आम घरेलू गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ जरूरी होता है, जो कई मजदूरों के पास नहीं होता। ऐसे में वे महंगे दाम पर ब्लैक मार्केट से गैस खरीदने को मजबूर होते हैं।
बिना एड्रेस प्रूफ के भी मिल सकता है सिलेंडर
‘छोटू’ सिलेंडर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे केवल पहचान पत्र दिखाकर खरीदा जा सकता है। यदि आपके पास बिना एड्रेस वाला पहचान पत्र है, तो भी आपको सिलेंडर मिल जाएगा। इसके साथ ही इसमें बायबैक प्लान की सुविधा भी मिलती है, जिससे यूजर सिलेंडर वापस कर सकते हैं।
कैसे तय होगा नया आवंटन?
सरकार ने बताया कि राज्यों को अतिरिक्त सिलेंडर का आवंटन मार्च के दौरान औसत दैनिक सप्लाई के आधार पर किया जाएगा। यह नया कोटा पहले तय 20% की सीमा से अलग और अतिरिक्त होगा।
सिर्फ प्रवासी मजदूरों के लिए इस्तेमाल
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त सिलेंडर का उपयोग केवल प्रवासी मजदूरों और छात्रों को सप्लाई करने के लिए ही किया जाएगा। इसके वितरण में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की मदद ली जाएगी।
इस फैसले से न सिर्फ प्रवासी मजदूरों को राहत मिलेगी, बल्कि अन्य कमजोर वर्गों को भी सस्ती दर पर रसोई गैस उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी जरूरतमंद को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
