Pradhan Mantri Ujjwala Yojana : पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब महिलाओं को 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार के बाद योजना के तहत कुल कनेक्शन की संख्या 10.58 करोड़ हो जाएगी।
परियोजना के लिए 676 करोड़ रुपये स्वीकृत
सरकार ने इस योजना के लिए कुल 676 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है। इसमें 25 लाख कनेक्शन को बिना किसी जमा राशि के प्रदान करने के लिए 512.5 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, 14.2 किलो ग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी के लिए 160 करोड़ रुपये और परियोजना प्रबंधन एवं अन्य खर्चों के लिए 3.5 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा...
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस निर्णय की घोषणा करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तीकरण के हमारे संकल्प को मजबूत करता है। उज्ज्वला भारत में सबसे प्रभावशाली सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक के रूप में उभरी है, जो रसोई में बदलाव ला रही है, स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है और देश भर के परिवारों का भविष्य उज्ज्वल बना रही है।
योजना के तहत कनेक्शन और लाभ
PMUY के तहत लाभार्थियों को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन मिलता है, जिसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा नली, घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड पुस्तिका और स्थापना शुल्क की सुरक्षा राशि शामिल होती है। पहली बार सिलेंडर भराने के साथ ही चूल्हा भी मुफ्त दिया जाता है। लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन, पहला रिफिल या चूल्हे के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ता।
सिलेंडर विकल्प और आवेदन प्रक्रिया
लाभार्थी 14.2 किलो ग्राम के एक सिलेंडर, पांच किलो ग्राम के छोटे सिलेंडर, या दो पांच किलो ग्राम के सिलेंडर के साथ कनेक्शन चुन सकते हैं। कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम है ताकि पारदर्शिता और पहुंच आसान हो सके। पात्र गरीब परिवारों की वयस्क महिलाएं, जिनके परिवार में पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है, सरल केवाईसी आवेदन पत्र और घोषणा पत्र के साथ ऑनलाइन या किसी भी एलपीजी वितरक के पास आवेदन कर सकती हैं।
आवेदन की जांच और सत्यापन
आवेदनों की प्रणाली आधारित जांच के बाद विपणन कंपनियों के अधिकारी भौतिक सत्यापन करते हैं। इसके बाद ‘सब्सक्रिप्शन वाउचर’ जारी किया जाता है और आवेदक के घर पर एलपीजी कनेक्शन लगाया जाता है। जिन आवेदकों के आवेदन लंबित हैं, उन्हें संशोधित ई-केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा और अद्यतन प्रोफार्मा के अनुसार विवरण जमा करना होगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का इतिहास और उपलब्धियां
पीएमयूवाई मई 2016 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य आठ करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना था, जो सितंबर 2019 तक पूरा हो गया। बाद में उज्ज्वला 2.0 अगस्त 2021 में शुरू हुआ, जिसका लक्ष्य जनवरी 2022 तक एक करोड़ अतिरिक्त कनेक्शन देना था। इसके तहत 60 लाख अतिरिक्त कनेक्शन दिसंबर 2022 तक और अन्य 75 लाख कनेक्शन जुलाई 2024 तक दिए गए। जुलाई 2025 तक देश भर में 10.33 करोड़ से अधिक कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे यह योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा पहलों में से एक बन गई है।
