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NBFC: तीन महीने के भीतर निकाल सकेंगे NBFC से पूरा पैसा, RBI ने कही ये बात

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 13, 2024, 11:46 AM IST

RBI NBFC: आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सा संबंधी जरूरत या प्राकृतिक आपदाओं को शामिल किया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि समय से पहले निकासी के लिए कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा। ये बदलाव एक जनवरी, 2025 से लागू होंगे। निकासी को लेकर रिजर्व बैंक ने नए नियम तय किए हैं।

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एनबीएफसी से पैसा निकालने के नियम

RBI NBFC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) डिपॉजिट स्वीकार करने के पहले तीन महीनों के भीतर इस राशि का 100 फीसदी भुगतान करेंगी। इसके लिए हालांकि यह शर्त है कि निकासी के लिए जमाकर्ता को किसी आपात स्थिति का हवाला देना होगा। केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी को नियंत्रित करने वाले नियमों की समीक्षा में कहा कि इस तरह की समय से पहले निकासी के लिए कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा। ये बदलाव एक जनवरी, 2025 से लागू होंगे।

नहीं मिलेगा ब्याज

रिजर्व बैंक ने कहा कि बीमा नियामक इरडा ने गंभीर बीमारी की जो परिभाषा निर्धारित की है, उसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि कोई अनुरोध इस तरह की छूट की श्रेणी में आता है या नहीं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि गंभीर बीमारी के मामलों में जमाकर्ताओं के अनुरोध पर जमा की मूल राशि का 100 फीसदी ऐसी जमाओं की स्वीकृति की तारीख से तीन महीने के भीतर निकाला जा सकता है। इस स्थिति में जमाकर्ताओं को ब्याज नहीं दिया जाएगा।

50 फीसदी तक का भुगतान

आपातकालीन स्थितियों में चिकित्सा संबंधी जरूरत या प्राकृतिक आपदाओं को शामिल किया गया है। अगर कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है और तीन महीने के भीतर समयपूर्व निकासी की मांग की जाती है, तो एनबीएफसी कोई ब्याज दिए बिना जमा राशि का 50 प्रतिशत तक भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, यह राशि 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।

एनबीएफसी आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट लेती हैं और बैंकों के मुकाबले वो अधिक रिटर्न देती हैं। इसलिए लोग इनकी एफडी में पैसा निवेश करते हैं। यह नियम ऐसी ही एनबीएफसी के लिए है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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