Pilot Fatigue: हवाई जहाज उड़ाने वाले पायलटों के वर्क लोड लेकर एक स्टडी में कई बातें सामने आई हैं। विमान पायलट की थकान के प्रमुख कारणों में लगातार रात्रि उड़ानें, 10 घंटे से अधिक की उड़ान ड्यूटी अवधि और रोस्टर में बदलाव होना है। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन द्वारा वरिष्ठ पायलट पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित इस अध्ययन में उनकी थकान के कारणों का विश्लेषण किया गया। इसमें उनके कामकाज की वजह से थकान के कारकों के आपसी प्रभाव का पता लगाया गया है।
शिफ्ट में बदलाव
सर्वेक्षण के अनुसार, 84 प्रतिशत पायलट शिफ्ट में बदलाव की गति और उसकी दिशा से चिंतित हैं। वहीं 83 प्रतिशत लगातार रात की उड़ानों के कारण थकान को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा, अध्ययन में पाया गया कि 81 प्रतिशत पायलट इस बात से चिंतित हैं कि कम से कम आराम और बिना अंतराल वाली उड़ानों से उनपर थकान का अधिक गहरा असर पड़ता है।
सर्वेक्षण में 70 प्रतिशत पायलट का कहना था कि 10 घंटे से अधिक की उड़ान ड्यूटी अवधि उनको थकाने वाली होती है। नासा और ईएएसए वैज्ञानिक अध्ययनों ने अधिकतम 10 घंटे की उड़ान ड्यूटी अवधि की सिफारिश की है।
लैंडिंग थका देती है
इसके अलावा, लगभग 76 प्रतिशत पायलट ने माना कि सप्ताह के आगे बढ़ने के साथ उड़ान ड्यूटी अवधि और ‘लैंडिंग’ में वृद्धि उनको और थका देती है। ऑनलाइन सर्वेक्षण 16-22 जुलाई के बीच किया गया, जिसमें 530 पायलट को शामिल किया गया। इनमें से अधिकांश मध्यम दूरी की उड़ानों के संचालन में महत्वपूर्ण समय बिताने वाले पायलट थे। (इनपुट-भाषा)
