LPG e-KYC: देश में गैस की किल्लत के बीच सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने शनिवार की रात को कहा कि सभी घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। मंत्रालय के अनुसार यह प्रक्रिया गैस कनेक्शन की सही पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द अपना e-KYC पूरा करने की अपील की गई है।
मोबाइल ऐप से घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया
मंत्रालय ने बताया कि उपभोक्ता अपने-अपने ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप की मदद से घर बैठे ही आधार सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए स्मार्टफोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है। अगर किसी उपभोक्ता को प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो वह अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकता है या टोल-फ्री हेल्पलाइन पर सहायता ले सकता है।
पश्चिम एशिया तनाव के कारण LPG सप्लाई प्रभावित
देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसका कारण पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव बताया जा रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष की वजह से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे LPG की आपूर्ति बाधित हुई है।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर महंगे
सप्लाई प्रभावित होने के बीच LPG की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है, यानी 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़कर 1,884.50 रुपये तक पहुंच गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले सामने आए
सिलेंडर की कमी के कारण कई जगहों पर घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी की घटनाएं सामने आई हैं। कर्नाटक के केंगेरी इलाके में पुलिस ने एक 30 वर्षीय व्यक्ति को विभिन्न कंपनियों के LPG सिलेंडर जमा कर अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं दिल्ली में पुलिस ने सिलेंडर डिपो के आसपास चौबीसों घंटे सुरक्षा तैनात कर दी है और अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
संकट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का कदम
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति को शहर की औसत खपत के केवल 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य संकट के दौरान सिलेंडरों की उपलब्धता को संतुलित रखना और कालाबाजारी को रोकना है।
