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NALSAR विश्वविद्यालय: CJI सूर्यकांत का छात्रों के एक वर्ग ने किया विरोध, जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले का दिया हवाला

छात्रों ने अपने पत्र में 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'चलो संसद' प्रदर्शन का हवाला दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस शांतिपूर्ण मार्च में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे मुद्दों को उठाया गया था।

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CJI सूर्यकांत का विरोध

Photo : PTI

NALSAR Students: हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR University of Law) के छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को आगामी दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। 2026 बैच के छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति , रजिस्ट्रार और प्राध्यापकों को भेजे गए एक ईमेल में अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

विरोध का क्या है कारण?

छात्रों ने अपने पत्र में 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'चलो संसद' प्रदर्शन का हवाला दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस शांतिपूर्ण मार्च में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे मुद्दों को उठाया गया था। छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हालांकि, CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

वीडियो साक्ष्य देखने से इनकार

छात्रों ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि जब वकील ने पुलिस की कथित ज्यादतियों के वीडियो सबूत दिखाने की पेशकश की, तो CJI की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी की थी कि वे वीडियो देखने में रुचि नहीं रखते हैं। 23 जुलाई को भेजे गए इस ईमेल में छात्रों ने लिखा कि कानून के छात्र होने के नाते उनकी चिंताएं संवैधानिक अधिकारों, न्याय तक पहुंच और शिकायतों के तर्कसंगत समाधान से जुड़ी हैं।

संवैधानिक मूल्यों का सवाल

छात्रों ने कहा, दीक्षांत समारोह एक ऐसा अवसर होता है जहां विश्वविद्यालय के अपने मूल्यों—जिनमें संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता, न्याय तक पहुंच और शिकायतों का समाधान शामिल है, झलकने चाहिए। पत्र में आगे कहा गया, हमें लगता है कि ऐसे गणमान्य व्यक्ति से अपनी डिग्री प्राप्त करना, जिनका हालिया सार्वजनिक आचरण प्रदर्शनकारी नागरिकों पर पुलिस बर्बरता के गंभीर आरोपों के प्रति उपेक्षापूर्ण प्रतीत होता है, उन मूल्यों से मेल नहीं खाता जो हमने नालसार में सीखे हैं।

आमंत्रण पर पुनर्विचार की मांग

छात्रों ने विश्वविद्यालय से अनुरोध किया है कि वे मुख्य अतिथि के चयन पर गंभीरता से पुनर्विचार करें और कोई भी अंतिम निर्णय लेने या निमंत्रण भेजने से पहले पास आउट हो रहे 2026 बैच के छात्रों से परामर्श करें। छात्रों का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा किसी भी औपचारिक निर्णय से पहले इसलिए उठाया है ताकि प्रशासन समय रहते उनके विचारों पर ध्यान दे सके। हालांकि, एक छात्र ने बताया कि ईमेल भेजने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब नहीं आया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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