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Diesel Demand: भीषण गर्मी से डीजल की डिमांड घटी, बिक्री में 4 फीसदी की गिरावट

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 17, 2024, 04:14 PM IST

Diesel Demand: डीजल की बिक्री एक से 15 जून के दौरान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.9 फीसदी की गिरावट आई है और यह 39.5 लाख टन रह गई है। पेट्रोल की बिक्री एक से 15 मई के दौरान 14.7 लाख टन खपत की तुलना में मासिक आधार पर 3.6 फीसदी की गिरावट आई।

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(Image Source: iStockphoto)

Diesel Demand: देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण यात्रा में कमी आने से जून में डीजल की मांग में गिरावट आई है। ईंधन की बिक्री, जो परंपरागत रूप से चुनाव के दौरान बढ़ जाती है, इस वर्ष प्रवृत्ति के विपरीत रही है तथा मासिक आधार पर इसमें गिरावट आ रही है। यह गिरावट अब आम चुनाव के समाप्त होने के बाद भी जारी है। डीजल की बिक्री एक से 15 जून के दौरान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.9 फीसदी की गिरावट आई है और यह 39.5 लाख टन रह गई है। देश में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन की मांग में अप्रैल में 2.3 फीसदी और मार्च में 2.7 फीसदी की गिरावट आई थी। मई में इसमें 1.1 फीसदी की गिरावट आई थी।

दाम में कौटती के बावजूद मांग सुस्त

चुनाव प्रचार के अलावा, गर्मी की फसल कटाई के मौसम तथा चिलचिलाती गर्मी के कारण कारों में एयर कंडीशनिंग की मांग बढ़ जाती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़नी चाहिए थी। हालांकि इस साल यह रुझान उलट गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मार्च के मध्य में दो रुपये प्रति लीटर की कमी की गई, जिससे दरों में संशोधन का करीब दो साल लंबा अंतराल समाप्त हो गया, जिससे बिक्री में भी तेजी आनी चाहिए थी।

पेट्रोल की बिक्री में गिरावट

पेट्रोल की बिक्री एक से 15 मई के दौरान 14.7 लाख टन खपत की तुलना में मासिक आधार पर 3.6 फीसदी की गिरावट आई। मई के पहले पखवाड़े में 35.4 लाख टन के मुकाबले डीजल की मांग मासिक आधार पर स्थिर रही। डीजल भारत में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन है, जो सभी पेट्रोलियम उत्पादों की खपत का लगभग 40 प्रतिशत है। देश में कुल डीजल बिक्री में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। यह हार्वेस्टर और ट्रैक्टर सहित कृषि क्षेत्रों में उपयोग किया जाने वाला प्रमुख ईंधन है।

विमान ईंधन की मांग एक से 15 जून 2024 के बीच सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत बढ़कर 331,000 टन हो गई। रसोई गैस एलपीजी की मांग एक से 15 जून के दौरान की सालाना आधार पर 0.1 प्रतिशत बढ़कर 12.4 लाख टन हो गई।

(इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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