Difference Between Savings Account And Current Account: बैंक अकाउंट होना अब एक काफी आम बात है और ज्यादातर लोगों के पास सेविंग्स बैंक अकाउंट होते हैं। वहीं कुछ लोगों के पास करंट बैंक अकाउंट भी होता है। क्या आपको इन दोनों अकाउंटों के बीच मौजूद फर्क पता है? अक्सर लोगों को बैंक अकाउंट का मतलब बैंक का सेविंग्स अकाउंट ही पता होता है और उन्हें करंट अकाउंट के बारे में जानकारी नहीं होती। मोटे तौर पर ये कहा जा सकता है कि ऐसे लोग जो सेविंग्स करना चाहते हैं उनके लिए बैंक सेविंग्स अकाउंट ठीक रहता है। दूसरी तरफ कंपनियों और कारोबारों को करंट अकाउंट से ही ट्रांजेक्शन करनी चाहिए, जैसा कि भारत के केंद्रीय बैंक RBI का निर्देश है।
सेविंग्स बनाम करंट अकाउंट:
सेविंग्स बैंक अकाउंट और करंट बैंक अकाउंट के बीच मौजूद जरूरी फर्क इस प्रकार से है:पहला फर्क: सेविंग्स बैंक अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होता है जिसमें ट्रांजेक्शन्स की संख्या सीमित होती है। जबकि एक करंट अकाउंट में रोजाना के आधार पर ट्रांजेक्शन्स की जा सकती है।
दूसरा फर्क: अब सवाल उठता है कि आखिर सेविंग्स अकाउंट किसके लिए ज्यादा बेहतर हैं और करंट अकाउंट किसके लिए बेहतर हो सकते हैं। आपको बता दें कि मासिक इनकम प्राप्त करने वाले लोगों और सेविंग्स के लिए पैसा जमा करने वाले लोगों के लिए सेविंग्स बैंक अकाउंट बेहतर रहता है जबकि व्यापारियों, कारोबारियों और ऐसे लोगों के लिए, जिन्हें बार-बार अपने पैसों को एक्सेस करने की जरूरत पड़ती है उनके लिए करंट बैंक अकाउंट बेहतर रहता है।
तीसरा फर्क: सेविंग्स अकाउंट में आप जिन पैसों को जमा करते हैं उनपर आपको लगभग 4% सालाना ब्याज मिलता है। दूसरी तरफ करंट बैंक अकाउंट में जमा किए गए पैसों पर आपको किसी प्रकार का कोई इंटरेस्ट नहीं मिलता है।
चौथा फर्क: सेविंग्स अकाउंट में आपको अतिरिक्त पैसे निकालने का विकल्प नहीं मिलता है। आप उतने ही पैसे निकाल सकते हैं जितने आपके अकाउंट में मौजूद होते हैं। लेकिन करंट अकाउंट में बैंक आपको यह फीचर प्रदान करता है।
आखिरी फर्क: जैसा कि हम जानते हैं कि सेविंग्स बैंक अकाउंट में आपको कुछ मिनिमम रकम रखनी ही पड़ती है। ठीक उसी तरह आपको करंट बैंक अकाउंट में भी कुछ पैसे रखने पड़ते हैं। सेविंग्स बैंक अकाउंट में जहां ये रकम बहुत कम होती है, वहीं करंट बैंक अकाउंट में मिनिमम रकम थोड़ी ज्यादा होती है।
