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PUC Charge: दिल्ली में महंगा हुआ पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाना, 13 साल बाद बढ़े रेट

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 11, 2024, 06:59 PM IST

PUC Charge: दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले चार पहिया वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के चार्ज को बढ़ा दिया है। अब लोगों को PUC बनवाने के लिए 80 रुपये की जगह 110 रुपये का शुल्क देना होगा। यानी कुल 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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Pollution Under Control Certificates

Photo : iStock

PUC Charge: दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले चार पहिया वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के चार्ज को बढ़ा दिया है। अब लोगों को PUC बनवाने के लिए 80 रुपये की जगह 110 रुपये का शुल्क देना होगा। यानी कुल 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। करीब 13 साल के बाद पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के रेट में इजाफा हुआ है।

शुल्क में बढ़ोतरी

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दो और तीन पहिया वाहनों के लिए शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दो और तीन पहिया वाहनों के लिए शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। डीजल वाहनों के लिए 100 से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया है।

क्यों जरूरी है PUC

केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, भारत में सभी मोटर वाहनों के पास पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष के बाद वैध PUC (प्रदूषण नियंत्रण में) प्रमाणपत्र होना चाहिए। चार पहिया BS-IV अनुपालन वाहनों के लिए, प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध रहता है, जबकि अन्य के लिए यह तीन महीने के लिए वैध होता है।

दिल्ली में पीयूसी सर्टिफिकेशन के लिए शुल्क आखिरी बार 2011 में बढ़ाया गया था। हालांकि, पिछले कुछ सालों में बिना पीयूसी सर्टिफ़िकेट वाले वाहनों के लिए जुर्माने में वृद्धि देखी गई है। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहन मालिकों को अब छह महीने तक की कैद, 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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