PUC Charge: दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले चार पहिया वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के चार्ज को बढ़ा दिया है। अब लोगों को PUC बनवाने के लिए 80 रुपये की जगह 110 रुपये का शुल्क देना होगा। यानी कुल 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। करीब 13 साल के बाद पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के रेट में इजाफा हुआ है।
शुल्क में बढ़ोतरी
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दो और तीन पहिया वाहनों के लिए शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दो और तीन पहिया वाहनों के लिए शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। डीजल वाहनों के लिए 100 से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया है।
क्यों जरूरी है PUC
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, भारत में सभी मोटर वाहनों के पास पंजीकरण की तारीख से एक वर्ष के बाद वैध PUC (प्रदूषण नियंत्रण में) प्रमाणपत्र होना चाहिए। चार पहिया BS-IV अनुपालन वाहनों के लिए, प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध रहता है, जबकि अन्य के लिए यह तीन महीने के लिए वैध होता है।
दिल्ली में पीयूसी सर्टिफिकेशन के लिए शुल्क आखिरी बार 2011 में बढ़ाया गया था। हालांकि, पिछले कुछ सालों में बिना पीयूसी सर्टिफ़िकेट वाले वाहनों के लिए जुर्माने में वृद्धि देखी गई है। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहन मालिकों को अब छह महीने तक की कैद, 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
