Delhi EV Policy 2026 : दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार (4 जुलाई 2026) को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने दिल्ली सचिवालय में दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल (https://evsubsidy.delhi.gov.in) लॉन्च किया। इस मौके पर दिल्ली ईवी नीति 2026 की आधिकारिक पुस्तिका भी जारी की गई। सरकार का कहना है कि यह नीति राजधानी में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देगी और प्रदूषण कम करने में मदद करेगी।
घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
नई व्यवस्था के तहत अब ईवी खरीदने वाले उपभोक्ता घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह आवेदन वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) मिलने के 30 दिनों के भीतर करना होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इसमें किसी तरह का कागजी काम नहीं होगा। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी।
60 दिनों में खाते में आएगी सब्सिडी
सरकार ने दावा किया है कि आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इसके बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। यह भुगतान आधार से लिंक्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
पूरी प्रक्रिया होगी पेपरलेस और ट्रैकिंग आसान
ईवी सब्सिडी पोर्टल (EV subsidy portal Delhi) को इस तरह बनाया गया है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति रियल-टाइम में देख सकेंगे। दस्तावेज अपलोड करना भी आसान होगा। इससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का कहना है कि यह सिस्टम तेज और पारदर्शी होगा।
ईवी नीति में कई बड़े प्रावधान
नई ईवी नीति को करीब एक साल तक विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों से चर्चा के बाद तैयार किया गया है। इसमें कई अहम प्रावधान शामिल हैं। जैसे वाहन खरीद पर प्रोत्साहन, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, बैटरी रीसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट। नीति में अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग लाभ तय किए गए हैं। इसमें दोपहिया, तिपहिया, निजी कारें, कमर्शियल वाहन और छोटे मालवाहक वाहन शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दिया जाए।
2027 और 2028 से बड़े बदलाव
नई नीति में भविष्य के लिए भी बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। 1 जनवरी 2027 से केवल नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन ही रजिस्टर किए जाएंगे। वहीं 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। हालांकि पहले से रजिस्टर्ड वाहन अपनी तय अवधि तक चलते रहेंगे। उन पर कोई रोक नहीं होगी।
2030 तक 32 हजार चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने यह भी लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक शहर में 32 हजार से अधिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की समस्या नहीं होगी। सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों, डीलरों, स्क्रैपिंग सेंटरों और बिजली कंपनियों से सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मिलकर इस नीति को सफल बनाएं ताकि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और हरित शहर बनाया जा सके।
