Inverter Buying Tips: देश के कई राज्यों में लोग अब उमस वाली गर्मी से परेशान हैं। उनकी परेशानी का तब और अधिक बढ़ जाता है, जब पावर कट हो जाता है। पावर कट की समस्या से निपटने के लिए लोग अपने घरों में इन्वर्टर लगवा लेते हैं। इन्वर्टर बिजली जाने के बाद पावर बैकअप देता है। अगर आप आजकल में इन्वर्टर खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। वरना इन्वर्टर हादसे की वजह बन सकता है।
बिजली की खपत
नया इन्वर्टर खरीदने से पहले आपको इस बात का आकलन कर लेना चाहिए कि घर में कितनी पावर की जरूरत है। उसके अनुसार ही इन्वर्टर खरीदें। अधिकतर इन्वर्टर एक जैसे नजर आते हैं, लेकिन इनमें मुख्य अंतर पावर का होता है। कुछ इन्वर्टर प्योर साइन वेव होते हैं और कुछ स्क्वायर वेव होते हैं। प्योर साइन वेव में पावर कटौती और इन्वर्टर की पावर सप्लाई के बीच अंतर नहीं है। स्क्वायर साइन वेव की तुलना में प्योर साइन वेव थोड़े महंगे होते हैं।
इन्वर्टर की बैटरी
इन्वर्टर खरीदते समय सही बैटरी का चुनाव करें। आपको कितनी देर का पावर बैकअप चाहिए, उसके अनुसार ही बैटरी खरीदें। अगर आपको दो घंटे से अधिक का पावर बैकअप चाहिए, तो हाई कैपिसिटी वाली बैटरी खरीदना चाहिए।
ओवरलोड प्रोटेक्शन
इन्वर्टर खरीदते वक्त ओवरलोड प्रोटेक्शन का ध्यान जरूर रखें। ये फीचर इन्वर्टर को हीट होने बचाता है। इसलिए इसका खास ध्यान रखें। इससे आपके घर के बिजली की उपकरण भी सुरक्षित रहेंगे।
वारंटी
इसके अलावा आपको वारंटी का भी ध्यान रखना चाहिए। जिस स्टोर से आप इन्वर्टर और बैटरी खरीद रहे हैं, वहां से आप दोनों की पूरी डिटेल्स मांग लें। ताकी आगे किसी भी तरह की समस्या हो तो आप वारंटी क्लेम कर सकें।
वेंटिलेशन और वायरिंग
जब भी आप अपने घर में इन्वर्टर इंस्टॉल करवाएं, तो वायरिंग का खास ध्यान रखें। क्योंकि अगर वायरिंग कमजोर हुई, तो शॉर्ट शर्किट का खतरा बना रहता है। इस वजह से इन्वर्टर ब्लास्ट भी हो सकता है। इसके अलावा इन्वर्टर को हमेशा वेंटिलेशन वाली जगह पर रखें। वेंटिलेशन नहीं होने पर इन्वर्टर हीट हो सकता है और फिर यह ब्लास्ट भी हो सकता है।
