उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन लंबी सिल्क्यारा-बड़कोट सुरंग (Silkyara-Barkot Tunnel) में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया है। टनल के अंदर काम के दौरान अचानक मलबा और भारी पत्थर गिरने से एक 22 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद टनल में काम कर रहे अन्य मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने निर्माण कंपनी की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पत्थर की चपेट में आया 22 साल का नरेश
4.5 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि टनल के अंदर नियमित काम चल रहा था। तभी अचानक ऊपर से एक भारी पत्थर आ गिरा। जिसकी चपेट में आने से वहां काम कर रहे मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान 22 वर्षीय नरेश निवासी झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है।
सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्राम प्रधान नगल अरविंद भट्ट ने कहा कि इस टनल में बार-बार इस तरह की जानलेवा घटनाएं हो रही हैं। यह न सिर्फ मजदूरों की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही को दिखाता है, बल्कि सुरंग निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
2023 का खौफनाक हादसा
इस नए हादसे ने एक बार फिर साल 2023 में हुए उस भयावह टनल हादसे की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 12 नवंबर 2023 को इसी सिल्क्यारा सुरंग में एक बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था, जिससे टनल का एक हिस्सा ढह गया था। इसके कारण 41 मजदूर अंदर ही फंस गए थे।
भारत का ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन
इन 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, सेना, NDRF और रैट-माइनर्स की मदद से 17 दिनों तक बेहद जटिल और खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। तब जाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था। अब इस नए हादसे के बाद टनल के भीतर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।
