भारत में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है। तमाम तरह की नागरिक सेवाओं के ऑनलाइन आने की वजह से न केवल सरकारी कामकाज तेज हुआ है, बल्कि जीवन भी आसान हुआ है। आज बैंकिंग, शिक्षा और सरकारी सेवाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को भी हाईटेक बनाने की दिशा में काम चल रहा है। खासतौर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रहा है। इस पूरे मिशन का सबसे अहम काम ABHA (Ayushman Bharat Health Account) से जुड़ा है। यह देश के हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ पहचान देता है।
ABHA कैसे काम करता है?
Ayushman Bharat Digital Mission के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक ABHA दरअसल 14 अंकों का एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी नंबर होता है। इसके जरिये किसी भी व्यक्ति के तमाम मेडिकल रिकॉर्ड्स, जैसे - लैब रिपोर्ट्स, डॉक्टर के पर्चे (Prescriptions), डिस्चार्ज समरी और इलाज के पूरे डॉक्यूमेंट्स को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया जाता है। सरकार का मकसद देश के हर नागरिक का मेडिकल रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित हो, आसानी से मिल सके और जरूरत पड़ने पर देश के किसी भी कोने में उसका इस्तेमाल किया जा सके।
अनिवार्य नहीं पर काम की चीज
फिलहाल, ABHA अकाउंट बनवाना पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) और मुफ्त है। इसे कोई भी नागरिक अपने मोबाइल नंबर या सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार) की मदद से मिनटों में बना सकता है। भले ही यह स्वैच्छिक है, लेकिन बेहद काम की चीज है। इसके चलते पुराने कागजों को साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं है। मरीज की डिजिटल अनुमति (Consent) मिलते ही डॉक्टर उसका पूरा मेडिकल इतिहास देख सकते हैं, जिससे सटीक और तेज इलाज संभव हो पाता है। इससे बार-बार एक ही टेस्ट कराने का खर्च और समय दोनों बचते हैं।
| मुख्य विशेषता (Features) | मरीजों को मिलने वाले लाभ (Benefits for Patients) |
| केंद्रीकृत रिकॉर्ड (Centralised Records) | सभी मेडिकल रिपोर्ट, पर्चे और जांच एक ही डिजिटल खाते में सुरक्षित। |
| पूर्ण नियंत्रण और गोपनीयता | डेटा देखने के लिए मरीज की सहमति (Consent) अनिवार्य। बिना मंजूरी कोई डेटा शेयर नहीं। |
| पोर्टेबिलिटी (Portability) | देश के किसी भी कोने में, ABDM से जुड़े अस्पताल में रिकॉर्ड तुरंत साझा करना आसान। |
| इमरजेंसी में लाइफ-सेवर | आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देखकर तुरंत सही फैसला ले सकते हैं। |
| ABHA मोबाइल ऐप | स्मार्टफोन के जरिए अपने हेल्थ रिकॉर्ड्स को खुद मैनेज, स्टोर और शेयर करने की सुविधा। |
कितना सेफ है आपका रिकॉर्ड?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि ABHA के तहत उनका मेडिकल डेटा कितना सुरक्षित है? सरकार के मुताबिक, ABHA पूरी तरह से कंसेंट-बेस्ड (सहमति पर आधारित) सिस्टम पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि आपकी अनुमति के बिना कोई भी अस्पताल, डॉक्टर, लैब या बीमा कंपनी आपके डेटा को नहीं देख सकती। डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी को इस मिशन का सबसे प्रमुख सिद्धांत बनाया गया है।
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