MNREGA Vs 'VB-G RAM G' : करीब दो दशक तक करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) 1 जुलाई, 2026 से समाप्त हो रही है। इसकी जगह केंद्र सरकार 'VB-G RAM G' (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission-Grameen) नाम की नई ग्रामीण रोजगार योजना ला रही है। सरकार का दावा है कि यह सिर्फ नाम बदलने का फैसला नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा सुधार है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम मानसून की आशंका है। यदि बारिश कमजोर रहती है तो खेती-किसानी पर असर पड़ेगा और ग्रामीण इलाकों में रोजगार की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में नई योजना की असली परीक्षा मानसून के दौरान ही होगी।
आखिर क्यों बंद की गई मनरेगा?
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि पिछले दो वर्षों में मनरेगा की व्यापक समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई राज्यों से फर्जी मस्टर रोल, फर्जी हाजिरी, अधूरे कार्य, भुगतान में देरी और फंड के दुरुपयोग जैसी शिकायतें सामने आईं। सरकार का मानना है कि बदलती ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप नई योजना की जरूरत थी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक नई योजना का मकसद केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां बनाना, लोगों को आजीविका से जोड़ना और रोजगार की गुणवत्ता बढ़ाना भी है।
क्या है VB-G RAM G?
VB-G RAM G यानी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण असल में ग्रामीण रोजगार, आजीविका और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। यह मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है। इसके अलावा डिजिटल मॉनिटरिंग, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति, रियल टाइम निगरानी और सोशल ऑडिट को भी मजबूत किया गया है।
VB-G RAM G में क्या बदलेगा?
मनरेगा मुख्य रूप से मजदूरी आधारित रोजगार योजना थी, जबकि नई योजना में रोजगार के साथ आजीविका बढ़ाने वाले कार्यों पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि गांवों में ऐसे कार्य कराए जाएंगे जिनसे लंबे समय तक आर्थिक लाभ मिल सके। नई व्यवस्था में कई कार्यों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में खर्च साझा करने का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही राज्यों के प्रदर्शन और परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
मानसून सबसे बड़ा इम्तिहान
इस वर्ष कई मौसम एजेंसियों ने देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई है। यदि ऐसा होता है तो खेती पर असर पड़ेगा और बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार रोजगार के लिए सरकारी योजना पर निर्भर हो सकते हैं। यही वजह है कि VB-G RAM G की कामयाबी का सबसे बड़ा इम्तिहान मानसून लेगा।
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