ITR Filing: बचाने हैं 1 लाख रुपये, तो 31 जुलाई तक पूरा कर लें ये काम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 26, 2022, 02:43 PM IST

ITR Filing Online 2021-22 on eportal.incometax.gov.in: अगर आप TDS/TCS का दावा करने में विफल रहते हैं या आखिरी तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो आपको धारा 234ई के तहत देर से फाइलिंग शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके अलावा आपको धारा 271H के तहत जुर्माना भी देना होगा।

ITR Filing: बचाने हैं 1 लाख रुपये, तो 31 जुलाई तक पूरा कर लें ये काम

ITR Filing Online 2021-22: स्रोत पर कर कटौती (TDS) रिटर्न दाखिल करने के लिए सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं। टैक्सपेयर्स और वेतनभोगी व्यक्तियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आखिरी तारीख के बाद आप जब तक रिटर्न फाइल नहीं करेंगे, तब तक आपको प्रति दिन 200 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा। ऐसी संभावना भी हो सकती है कि लेट फाइलिंग फीस की वजह से करदाता टीडीएस में दावा राशि भी खो दें।

लग सकता है 1 लाख रुपये का जुर्माना
इनकम टैक्स के नियमों (Income Tax rules) के अनुसार, टीडीएस फाइलिंग में देरी के मामले में, करदाता को पहले अपनी लेट फीस चुकानी होगी। इसके अलावा, निर्धारण अधिकारी को न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने का भी अधिकार है। टीडीएस दाखिल करने में देरी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे में आप समय पर स्रोत पर कर कटौती रिटर्न दाखिल करके 1 लाख रुपये तक बचा सकते हैं।

ये है आखिरी तारीख
अप्रैल से जून 2022 तिमाही के लिए टीडीएस दाखिल करने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है। जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए समय सीमा 31 अक्टूबर है और दिसंबर 2022 तिमाही के लिए इसकी आखिरी तारीख 31 जनवरी है। वहीं 31 मार्च के लिए टीडीएस दाखिल करने की समय सीमा 31 मई निर्धारित की गई है।

अपना टीडीएस रिटर्न दाखिल करने के लिए आपको फॉर्म 16/16A की आवश्यकता होगी, जो स्रोत पर कर की कटौती का प्रमाण पत्र है। यह नियोक्ता द्वारा कर की कटौती पर जारी किया गया है। करदाता Form 26AS के तहत सेल्फ- असेसमेंट कर के साथ टीडीएस, टीसीएस, और भुगतान किए गए अग्रिम कर के रूप में कटौती की गई राशि की जानकारी वेरिफाई कर सकते हैं।

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