ITR Filing: 2.5 लाख से कम है सालाना इनकम, तो भी फाइल करें आईटीआर, आसान होंगे सारे काम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 21, 2022, 03:10 PM IST

ITR Filing Online 2021-22 on eportal.incometax.gov.in: एक साल में 2.5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए भी आईटीआर दाखिल करना महत्वपूर्ण है, अगर वे अर्जित आय में स्रोत पर कर कटौती (TDS) का भुगतान करते हैं।

ITR Filing: 2.5 लाख से कम है सालाना इनकम, तो भी फाइल करें आईटीआर, आसान होंगे सारे काम

ITR Filing Online 2021-22: आकलन वर्ष 2022-23 या वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2022 है। आईटीआर दाखिल करना सभी के लिए एक अनिवार्य है क्योंकि यह सरकार को यह आकलन करने में अनुमति करता है कि एक वित्तीय वर्ष के दौरान अर्जित आय पर भुगतान किया गया टैक्स सही है या नहीं।

किनको फाइल करना होता है आईटीआर?
नई आयकर व्यवस्था (New Income Tax Regime) के तहत, जिनकी आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करना जरूरी है, चाहे उनी उम्र कितनी भी क्यों ना हो। हालांकि, पुराने आयकर व्यवस्था में 60 साल से कम आयु के लोगों (जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये है) के लिए आईटीआर अनिवार्य है। 60 से 80 आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 300,000 रुपये और 80 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों के लिए 5 लाख रुपये की सीमा है।

आईटीआर फाइल करना है जरूरी
भले ही आपकी आय 2.5 लाख रुपये की सीमा से कम हो, आपको आईटीआर दाखिल करना चाहिए। इससे सुनिश्चित होगा कि टैक्सपेयर्स को आयकर विभाग से स्वचालित गैर-फाइलिंग नोटिस ना मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सीमा से कम इनकम होने पर भी शून्य आईटीआर दायर किया जा सकता है, ताकि यह सुनिश्चित हो कि टैक्स फाइलिंग रिकॉर्ड में कोई अंतर नहीं है।

लोन के लिए
बैंक अक्सर लोन के वितरण के लिए आईटीआर की कॉपी मांगते हैं। इसके साथ ही वे कटौतियों, टीडीएस सर्टिफिकेट और पिछले दो सालों के इनकम रिटर्न की कॉपी को दर्शाने वाली सैलरी स्लिप भी मांगते हैं।

वीजा के लिए
कई बार वीजा (Visa) के लिए आवेदकों से पिछले दो सालों के आईटीआर की कॉपी मांगी जाती है। अमेरिका, यूरोप, कनाडा और यूरोपीय देशों के यात्रियों को यह साबित करने के लिए आईटीआर प्रस्तुत करना होता है कि उनके पास भारत में आय का एक वैध स्रोत है।

लाइफ इंश्योरेंस के लिए (Life Insurance)
इंश्योरेंस प्रदाता अपनी सालाना आय स्थापित करने के लिए उन लोगों से आय का प्रमाण देखने की मांग करते हैं जो बड़ी राशि का कवर खरीदना चाहते हैं। कवर का साइज बीमा चाहने वाले व्यक्ति की वार्षिक आय पर निर्भर करता है।

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