PM मोदी ने लॉन्च की सिक्कों की नई सीरीज, नेत्रहीन लोगों को होगी और भी आसानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 6, 2022, 02:24 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के बैंकों और करेंसी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की जरूरत है।

PM मोदी ने लॉन्च की सिक्कों की नई सीरीज, नेत्रहीन लोगों को होगी और भी आसानी
Photo Credit: Twitter

नई दिल्ली। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालयों के आइकोनिक वीक समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम (Iconic Week Celebrations) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कॉरपोरेट मंत्रालय के योगदान पर प्रकाश डाला और साथ ही आजादी के अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) के लिए समर्पित नए सिक्के भी लॉन्च किए। इन सिक्कों की एक नई सीरीज दृष्टिहीन व्यक्तियों के अनुकूल है। ये सिक्के 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के हैं। इनपर आजादी के अमृत महोत्सव का डिजाइन बना हुआ है।

लोगों को अमृत काल के लक्ष्य की याद दिलाएगी नई सीरीज: PM मोदी
आइकोनिक वीक समारोह के दौरान भारतीय रुपये की गौरवशाली यात्रा को दिखाया गया। वित्त मंत्रालय के आइकॉनिक सप्ताह समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, 'सिक्कों की ये नई श्रृंखला लोगों को अमृत काल के लक्ष्य की याद दिलाएगी और लोगों को देश के विकास की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करेगी।'

जन समर्थ पोर्टल की हुई शुरुआत
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'जन समर्थ पोर्टल' (Jan Samarth Portal) की भी शुरुआत की, जो 12 सरकारी योजनाओं का क्रेडिट लिंक्ड पोर्टल (Government credit schemes) है। इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनमें से हर एक स्कीम को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस पोर्टल से लोगों की सहूलियत बढ़ेगी। नागरिकों को सरकारी कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए हर बार एक ही सवाल पूछना नहीं पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने वित्तीय संस्थानों से अच्छी वित्तीय और कॉरपोरेट प्रशासन प्रथाओं को लगातार प्रोत्साहित करने के लिए कहा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने कई वित्तीय समावेशन मंच विकसित किए हैं। अब इनके बारे में जागरूकता पैदा करने की आवश्कता है। इन वित्तीय समावेशन समाधानों का ग्लोबल स्तर पर विस्तार करने के लिए काम होना चाहिए।

End of Article