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बड़ा खुलासा: हो गई मौत तब भी काम करता है आधार,बंद करने का नहीं है कोई तरीका

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Apr 9, 2023, 02:10 PM IST

Aadhaar deactivate: आधार कार्ड सरकारी योजनाओं के लाभ लेने सहित खुद की पहचान के लिए काफी जरूरी दस्तावेज है। ऐसे में सरकार मृतक व्यक्तियों के आधार को बंद करने पर विचार कर रही है।

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मौत होने के बाद आधार कार्ड बंद नहीं होता।

Photo : IANS

Aadhaar deactivate: आधार कार्ड सरकारी योजनाओं के लाभ लेने सहित खुद की पहचान के लिए काफी जरूरी दस्तावेज है। ऐसे में सरकार मृतक व्यक्तियों के आधार को बंद करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसे करने के लिए अभी वर्तमान में सरकार के पास कोई सिस्टम या तरीका मौजूद नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि, वर्तमान में, राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त रजिस्ट्रारों से मृतक व्यक्तियों का आधार प्राप्त करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए कोई तंत्र नहीं है।" हालाँकि, भारत के महारजिस्ट्रार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के मसौदा संशोधन पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से सुझाव मांगे थे। ताकि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करते समय ही किसी मृत व्यक्ति के आधार को बंद किया जा सके। जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत राज्यों द्वारा नियुक्त रजिस्ट्रार अपने-अपने स्थानीय क्षेत्रों में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण करते हैं।

नहीं होगा आधार कार्ड का जनगणना में इस्तेमाल

हाल ही में आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने संसद में दिए अपने लिखित जवाब में कहा था कि आधार कार्ड को जनगणना में इस्तेमाल करने का सरकार का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मृतकों के आधार को वापस लेने, बंद करने की कोई व्यवस्था भी नहीं है। ये जानकारी कांग्रेस सांसद एडवोकेट अडूर प्रकाश ने आईटी मंत्री से पूछी थी।

हर 10 साल में जनगणना का है प्रावधान

UIDAI के मुताबिक, फरवरी 2023 के अंत तक 136 करोड़ से अधिक आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं। भारत में आखिरी जनगणना 2011 में कराई गई थी। इससे पहले देश में 15 बार जनगणना हो चुकी है। साल 2011 के बाद अगली जनगणना 2021 में कराई जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ये नहीं हो पाई थी। देश में जनगणना हर 10 साल में होती है। साल 1951 की बाद की सभी जनगणनाएं 1948 के जनगणना अधिनियम के तहत हुई हैं।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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