Women Friendly Tourism: हिमाचल प्रदेश सरकार का पर्यटन विभाग सोलो फीमेल ट्रैवलर्स को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रहा है। इस योजना का नाम SheTravel Policy 2026 है। इस नीति का मकसद है कि साल 2028 तक सोलो फीमेल ट्रैवलर्स की संख्या 18% से बढ़ाकर करीब 35% तक पहुंचाई जाए। इससे ना सिर्फ महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा, बल्कि राज्य की पर्यटन आय भी बढ़ेगी।
एक खास सुरक्षा ऐप SheShield भी इस योजना के तहत लॉन्च की जा रही है। इस ऐप की मदद से महिलाएं जरूरत पड़ने पर तुरंत SOS अलर्ट भेज सकेंगी और सीधे हिमाचल पुलिस से जुड़ सकेंगी। ऐप में सुरक्षित होटल, ट्रेकिंग ट्रेल्स और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की वेरिफाइड सुरक्षा रेटिंग भी दिखाई जाएगी। अगर किसी महिला के साथ कोई परेशानी होती है, तो वह इस ऐप के जरिए शिकायत भी कर सकती है।
सरकार की योजना है कि 2028 तक करीब 2000 से ज्यादा महिला-फ्रेंडली होटलों और गेस्ट हाउस को रजिस्टर और सर्टिफाई किया जाएगा। इन्हें SheStays के नाम से ब्रांड किया जाएगा। इसके अलावा हर जिले में महिलाओं के लिए खास पर्यटन सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। इस नीति में यह भी तय किया गया है कि पर्यटन से जुड़े सलाहकार और प्रशासनिक बोर्ड में करीब 40% महिलाएं हों।
पर्यटन विभाग के अधिकारी के मुताबिक इस योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए अलग-अलग पर्यटन संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं। उनका कहना है कि इस पूरी योजना का सबसे बड़ा फोकस महिलाओं की सुरक्षा है। हिमाचल पहले से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह माना जाता है और सरकार इसे और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
वैसे हर साल हिमाचल प्रदेश में करीब 1.6 करोड़ पर्यटक घूमने आते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा लोग कुल्लु जिले में जाते हैं। लेकिन, अभी सोलो महिला यात्रियों की संख्या केवल 18% ही है। इसलिए सरकार चाहती है कि नई नीति के जरिए ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अकेले ट्रैवल करने के लिए प्रेरित हों। फिलहाल कई जगहों पर इस बात की कल्पना भी कर पाना मुश्किल है कि महिला यात्रा पर निकले वो भी बिल्कुल अकेले। ऐसे में ये नई योजना महिलाओं को घूमने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
