यात्रा

Within 100 kms Bodh Gaya: भगवान बुद्ध को बेहद पसंद थी ये जगह, गिद्ध शिखर के नाम से जाता है जाना

Tourist Places Bodh Gaya: बोध गया के पास अगर आप घूमने के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां जाकर एडवेंचर के साथ ही आप आध्यत्मिकता के भी करीब आ सकें तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। बोध गया के पास एक ऐसी प्यारी सी जगह मौजूद है जहां आप कम टाइम में पहुंचकर एन्जॉय कर सकते हैं।

Image

Within 100 kms Bodh Gaya

Within 100 kms Bodh Gaya: बिहार राज्य में स्थित बोध गया (Bodh Gaya) के पास मौजूद एक ऐसी प्यारी सी जगह है जो भगवान बुद्ध को भी बेहद पसंद दी। Within 100 kms की इस सीरीज में हम आपको उसी जगह के बारे में डिटेल में जानकारी देने जा रहे हैं जहां आप गया से 2 घंटे से भी कम का ट्रैवल करके पहुंच सकते हैं।

ग्रिडकुटा हिल: ग्रिडकुटा हिल भारत के बिहार के राजगीर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। ग्रिडकुटा हिल की गया से दूरी तकरीबन 58 किलोमीटर है। इसे गिद्ध शिखर के नाम से भी जाना जाता है। ग्रिडकुटा का नाम इसकी गिद्ध की चोंच से समानता के कारण पड़ा है। यह पहाड़ी राजगीर पहाड़ियों का हिस्सा है, जो हरियाली से घिरी हुई है और क्षेत्र का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है।

बौद्ध धर्म में महत्व: बौद्ध धर्म में ऐतिहासिक रूप से ये स्थान बेहद महत्वपूर्ण है माना जाता है कि ये वो जगह है जो भगवान बुद्ध को बेहद पसंद थी। बुद्ध ने यहां कई उपदेश भी दिए थे। शांत और एकांत परिवेश के कारण इसने बुद्ध के प्रवचनों के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान किया।

एडवेंचर एक्टिविटी: एडवेंचर की चाह रखने वाले पर्यटकों के लिए ये जगह जन्नत से कम नहीं है। पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के लिए, आगंतुक पैदल यात्रा कर सकते हैं। शिखर पर जापानी निचिरेन संप्रदाय द्वारा निर्मित शांति पैगोडा स्थित है जिसमें एक स्वर्ण बुद्ध प्रतिमा रखी हुई है।

सप्तपर्णी गुफा: यह स्थल सप्तपर्णी गुफा के पास है, जहां बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद पहली बौद्ध परिषद आयोजित की गई थी। दुनिया भर से तीर्थयात्री ध्यान करने और बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ग्रिडकुटा हिल आते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article